पटना। जिस बंगले (10, सर्कुलर रोड) को खाली करने के लिए सरकार नोटिस दे चुकी है, उसके फीके माहौल में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने जीवन के 68वें वर्ष में प्रवेश किया। 1995 के बाद से जहां सुबह-सकारे ही बधाई देने वालों का तांता लग जाता था, वहां के परिवेश में इस बार उदासी का घना कोहरा था। उस कोहरे को छांटते हुए दोपहर में शुभकामना देने पहुंचे बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव को देख राबड़ी की आंखें सजल हो गईं।

सात माह बाद तेजप्रताप इस बंगले में आए थे। लगभग घंटा भर वे साथ रहे। राबड़ी ने उन्हीं के लाए केक को काटा। पार्टी और परिवार से दोबारा नाता जोड़ने की सीख दी। भाव-विह्वल हुए तेजप्रताप ने एक्स पर लिखा कि मां परिवार की आत्मा हैं और कठिन समय में भी उनके साथ खड़ी रहीं। हम धन्य हैं, क्योंकि हमारे पास आप हैं!

10, सर्कुलर रोड को खाली करने का उपक्रम शुरू हो चुका है। हालांकि, अभी सब कुछ राबड़ी को अकेले ही करना पड़ रहा। मोतियाबिंद के आॅपरेशन के बाद से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दिल्ली में सांसद पुत्री मीसा भारती के बंगले पर आराम कर रहे। पार्टी और परिवार के अगले नायक तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ यूरोप का भ्रमण कर रहे, जो लालू के आॅपरेशन के पहले ही पटना से प्रस्थान कर गए थे।

हालांकि, मोबाइल फोन से ही सही, राबड़ी को पहली शुभकामना लालू ने ही दी। दोपहर बाद से प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद व प्रदेश महासचिव भाई अरुण सहित पार्टी के इक्का-दुक्का नेता भी पहुंचे, लेकिन पिछले वर्षों की तरह कार्यकतार्ओं या बड़े-बड़े दिग्गजों की भीड़ नहीं जुटी। पिछले वर्षों में इसी बंगले में एक जनवरी को धूम मच जाती थी। बहरहाल इसे पारिवारिक संबंधों में आई खटास और राजनीतिक उतार-चढ़ाव का प्रतिफल माना जा रहा।

अनुष्का यादव प्रकरण के बाद 25 मई, 2025 से तेजप्रताप पार्टी-परिवार से बेदखल हैं और विधानसभा चुनाव में करारी पराजय पर स्वजनों के साथ चर्चा के दौरान अपमानित हुईं रोहिणी आचार्य ने मायके से स्वत: दूरी बना ली है। रोहिणी ने तो कोई संदेश सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन तेजप्रताप का पोस्ट भावुक कर देने वाला है।

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