
रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही सीआईडी को जांच में अब जेपीएससी के सदस्यों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। सदस्यों के विरुद्ध मिली जानकारियों का सीआईडी सत्यापन कर रही है। सत्यापन के क्रम में अगर उनसे पूछताछ की आवश्यकता महसूस होगी तो सीआईडी सदस्यों को भी समन कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते से शुक्रवार को भी करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की। यह तीसरा दिन था, जब सीआईडी ने खियांग्ते से पूछताछ की है। पूछताछ पूरी नहीं हो सकी है। उन्हें सीआईडी ने चौथा समन भी कर दिया है और सोमवार (तीन अगस्त) को पूछताछ के लिए बुलाया है। शुक्रवार को खियांग्ते से पूछताछ के दौरान पहले से रिमांड पर लिए गए सभी आठों आरोपितों को एक-एक कर सीआईडी ने आमने-सामने बैठाया और क्रास पूछताछ की।
परीक्षा के दौरान अनियमितता कैसे हुई, ओएमआर शीट में हेराफेरी कैसे हुई, पूरा घोटाला कैसे हुआ और घोटाले की राशि का वितरण किस तरह से हुआ सहित कई अहम बिंदुओं पर सीआईडी को पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। उपलब्ध दस्तावेज व पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर सीआईडी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। जेपीएससी परीक्षा के अभ्यर्थियों से वसूली गई अवैध राशि के वितरण के पूरे नेटवर्क की भी सीआईडी जानकारी जुटा रही है। इससे संबंधित साक्ष्य भी सीआईडी को मिले हैं।
जेल भेजे गए पांच आरोपी : सीआइडी ने रिमांड पर सात दिनों तक पूछताछ के बाद पांच आरोपितों को शुक्रवार को सीआइडी की रांची स्थित विशेष अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत के आदेश पर सभी पांचों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। सीआईडी ने सात दिनों तक रिमांड पर जिनसे पूछताछ की है, उनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद शामिल थे।
सात दिनों की पूछताछ में आरोपितों ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी के विभिन्न बिंदुओं पर बड़ी जानकारी दी है। सीआइडी ने अब भी परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के तीन आरोपित कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार को रिमांड पर पूछताछ जारी रखा है। सीआईडी की अपील पर 30 जुलाई से ही बड़ी संख्या में 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट की कॉपी सीआईडी को भेजनी शुरू कर दी है।
शुक्रवार को भी सीआईडी के उपलब्ध कराए गए वाट्सएप नंबर व ईमेल आईडी पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट की कॉपी भेजी है। सीआईडी ने ओएमआर शीट भेजने की अंतिम तारीख पांच अगस्त तक रखी है। इस अवधि में सभी सफल अभ्यर्थियों से प्रारंभिक परीक्षा के पेपर-1 व पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी की पीडीएफ बनाकर या फोटो खींचकर सीआईडी को भेजने का अनुरोध किया था।
