
रांची। जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के समीप छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार और आयोग से जवाब मांगा है।
प्रदर्शन में शामिल बोकारो की अभ्यर्थी मंजू ने दावा किया कि उसने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) परीक्षा में 300 में से 299 अंक प्राप्त किए, इसके बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। उसने कहा कि इस परिणाम के बाद उसके परिवार के लोग उसकी वर्षों की मेहनत और पढ़ाई पर सवाल उठा रहे हैं। इस मामले को लेकर भाजपा ने भी राज्य सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है।
आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे तथा सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य अभ्यर्थी ने भावुक होकर अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र किया। उसने बताया कि उसके पिता किसान हैं और आंदोलन में शामिल होने के लिए वह अपनी मां से एक हजार रुपये लेकर रांची पहुंचा है। सीमित संसाधनों के बीच वह साथियों के सहयोग से अपना गुजारा कर रहा है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के संचालन में बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता के कारण लगातार विवाद सामने आते हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और आयोग को पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर बिना किसी बाहरी एजेंसी के स्वयं परीक्षाओं का संचालन करना चाहिए। वहीं, सरकार और आयोग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
