
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 फरवरी से इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वह अपने इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और इजराइली संसद नेसेट को संबोधित भी करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 12:45 बजे तेल अवीव पहुंचेंगे। आगमन पर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच संक्षिप्त मुलाकात होगी। पहले दिन प्रधानमंत्री नेसेट को संबोधित करने के अलावा भारतीय मूल के लोगों के साथ एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। रात्रि में वह प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा आयोजित निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे। यात्रा के दूसरे दिन 26 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी यरुशलम स्थित याद वाशेम जाकर होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जहां नाजी अत्याचारों में मारे गए लाखों यहूदियों की स्मृति संरक्षित है।
इसके बाद प्रधानमंत्री इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत भी होगी। वार्ता के बाद नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान भारतीय और यहूदी समुदाय के सदस्यों के साथ भी संवाद करेंगे। यह यात्रा रणनीतिक, तकनीकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा इजराइल दौरा होगा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 जुलाई 2017 को इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा की थी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इजरायल यात्रा थी, जिसके दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था। इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत का दौरा किया था।
दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हाल के वर्षों में नियमित संवाद बना रहा है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच दोनों नेताओं ने विभिन्न अवसरों पर टेलीफोन वार्ता कर क्षेत्रीय हालात, आतंकवाद, पश्चिम एशिया की स्थिति तथा द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। गत जनवरी में दोनों नेताओं ने नववर्ष की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हुए क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा की।
भारत-इजरायल संबंधों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। नवंबर 2025 में भारत के रक्षा सचिव की इजरायल यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे सामरिक सहयोग को नई गति मिली है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सितंबर 2025 में इजरायल के वित्तमंत्री की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय निवेश समझौता पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसका उद्देश्य निवेश संरक्षण और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत और इजरायल के बीच स्टार्ट-अप, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं, भारत-इजरायल औद्योगिक अनुसंधान एवं नवाचार कोष (आई4एफ), कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है। दोनों देश तकनीकी नवाचार को रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख आधार मानते हैं।
