नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में विभिन्न स्कूलों और संगठनों से आए बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें रक्षाबंधन के व्यापक सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व के बारे में बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, स्नेह, देखभाल और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि राखी का पवित्र धागा परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहां तक कि पेड़ों को भी बांधा जा सकता है।

राष्ट्रपति ने बच्चों से पेड़-पौधों की देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा भी हमारे सामूहिक दायित्व का हिस्सा है।

देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

इससे पहले राष्ट्रपति ने रक्षाबंधन के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा कि रक्षा-बंधन की परंपरा प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है। समय के साथ यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और सुरक्षा के भाव को व्यक्त करने वाले सामाजिक उत्सव के रूप में लोकप्रिय हुआ।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहनों के साथ-साथ मित्रों, परिवार और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आत्मीयता, सम्मान और परस्पर जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और आपसी सहयोग पर टिकी होती है। उन्होंने देशवासियों से रक्षाबंधन के अवसर पर समाज और देश की रक्षा के लिए संकल्प लेने तथा इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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