नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्मृति में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए जगह देने की मंजूरी दी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लिया है। इसके लिए प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान बिना मांगे मिला है, जो उन्हें बेहद भावुक कर गया। शर्मिष्ठा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और बाबा के लिए स्मारक बनाने के उनकी सरकार के फैसले के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूं। यह इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि हमने इसके लिए नहीं कहा था। प्रधानमंत्री के इस अप्रत्याशित लेकिन वास्तव में दयालु इशारे से मैं बहुत भावुक हूं। उन्होंने आगे कहा कि बाबा कहा करते थे कि राजकीय सम्मान के लिए पूछा नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे पेश किया जाना चाहिए। मैं बहुत आभारी हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा की स्मृति का सम्मान करने के लिए ऐसा किया। इससे बाबा की वर्तमान स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ता- प्रशंसा या आलोचना से परे। लेकिन उनकी बेटी के लिए, मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकती।’

कांग्रेस पर साधा था निशाना
हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद शर्मिष्ठा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि उनके पिता के निधन पर कांग्रेस वर्किंग कमिटी की कोई औपचारिक शोक सभा नहीं बुलाई गई थी। इससे उन्हें बहुत दुख हुआ। उन्होंने कहा, ‘बाबा के निधन के समय मैं सक्रिय राजनीति में थी और कांग्रेस का हिस्सा थी। मुझे यह जानकर धक्का लगा कि कोई औपचारिक उहउ बैठक नहीं बुलाई गई और कोई शोक प्रस्ताव पारित नहीं किया गया।’

बता दें कि प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे। उन्होंने पांच दशकों तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और कई मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। राष्ट्रपति बनने से पहले, वे 2009 से 2012 तक वित्त मंत्री रहे। 2019 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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