रांची। अवैध शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध राय से पूछताछ के लिए ओरमांझी पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और दूसरे राज्यों तक फैले अवैध कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। जांच में अब तक सामने आया है कि सुबोध राय पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजर से बचने के लिए कम कीमत वाले फर्जी लेबल का इस्तेमाल करता था, ताकि शराब की खेप पर किसी को जल्द संदेह न हो। इस मामले में सुबोध राय के अलावा उसके चालक देवेंद्र भगत और रविकांत राय को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जेल भेजे जाने से पहले सुबोध राय ने पूछताछ के दौरान अपने कई सहयोगियों के नाम बताए हैं। फिलहाल पुलिस सभी संदिग्धों की भूमिका और पहचान का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों से पूछताछ के बाद अवैध शराब के उत्पादन, परिवहन और वितरण से जुड़े पूरे गिरोह का खुलासा हो सकता है।

जांच में यह भी सामने आया है कि सुबोध राय का नेटवर्क मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ था। तैयार शराब की खेप इन्हीं राज्यों में भेजी जाती थी। पुलिस के अनुसार, तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की नंबर प्लेट भी रास्ते में बदल दी जाती थी। झारखंड से निकलने के बाद जैसे ही वाहन उत्तर प्रदेश या दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते थे, उन पर स्थानीय नंबर प्लेट लगा दी जाती थी, ताकि किसी भी जांच के दौरान वाहन पर संदेह न हो और तस्करी आसानी से जारी रहे। इससे पहले 19 मार्च 2023 को उत्पाद विभाग ने तरंगनी बाटलर्स में छापेमारी कर फैक्टरी को सील किया था, लेकिन उस समय सुबोध राय गिरफ्तारी से बच गया था।

उत्पाद विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि प्लांट में 8 पीएम, आफ्टर डार्क और रायल्सन गोल्ड जैसे ब्रांड के नाम पर शराब तैयार की जा रही थी। इन बोतलों पर दूसरे राज्यों के फर्जी लेबल लगाए जाते थे। कई बोतलों पर फोर सेल इन यूपी एंड दिल्ली भी अंकित मिला है। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शराब को दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी थी।

छह घंटे तक चली छापेमारी के दौरान विभाग ने 70 पेटी किंगफिशर बीयर, 218 पेटी आफ्टर डार्क, सात पेटी 8 पीएम और 78 पेटी रायल्सन गोल्ड व्हिस्की बरामद की। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी लेबल, परिवहन संबंधी दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है।

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