नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अगले पांच साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर मजबूती से बढ़ रहा है और वैश्विक निवेशक इसे निवेश गंतव्य के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने घरेलू उद्योग से विकसित भारत की यात्रा का हिस्सा बनने के सुनहरे अवसर का लाभ उठाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां विकसित भारत की ओर यात्रा विषय पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब भारत की नीतियां, प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प, निर्णय तथा निवेश वैश्विक प्रगति का आधार बन रहे हैं, उद्योग देश की वृद्धि गाथा की मुख्य प्रेरक शक्ति हैं।

मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत और आपकी तरफ देख रही है। सरकार की नीतियां, प्रतिबद्धता और निवेश वैश्विक विकास की नींव बन रहे हैं। दुनिया भर के निवेशक भारत आने को इच्छुक हैं। विश्व नेता भारत को लेकर सकारात्मक हैं। यह भारतीय उद्योग के लिए सुनहरे अवसर है और हमें इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। वैश्विक निवेशकों की भारत को लेकर बढ़ती दिलचस्पी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत को हाल ही में हुई नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्रियों से निवेशकों के अनुकूल चार्टर बनाने, निवेश नीतियों में स्पष्टता लाने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए किए गए अपने आह्वान से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अपनी उच्च वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के साथ भारत उच्च मुद्रास्फीति, कम वृद्धि और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया में वृद्धि और स्थिरता का प्रकाश-स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और वह दिन दूर नहीं जब देश विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जो अभी पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने इस बात का भरोसा जताया कि भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि उनके तीसरे कार्यकाल में हासिल कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं है और वह ह्यदेश को सबसे पहलेह्ण रखते हुए सभी निर्णय लेगी। मोदी ने कहा कि देश को सबसे पहले रखने की प्रतिबद्धता पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य, ह्यशून्य प्रभाव-शून्य अभाव पर बल और आत्मनिर्भर भारत या विकसित भारत के संकल्प में परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए घरेलू उद्योग को सरकार के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और साथ ही इसे उभरते क्षेत्रों में वैश्विक खिलाड़ी भी बनाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में घोषित विभिन्न कदमों, खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने वाले उपायों का जिक्र किया, जो रोजगार के करोड़ों अवसर उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि सरकार चौथी पीढ़ी के उद्योग मानकों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास और रोजगार पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। मोदी ने कहा कि भारत में 1.40 लाख स्टार्टअप हैं जो लाखों युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। आठ करोड़ से अधिक लोगों ने मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया योजनाओं की मदद से नया व्यवसाय शुरू किया है। इस वर्ष के बजट में दो लाख करोड़ रुपये के बहुचर्चित प्रधानमंत्री पैकेज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे चार करोड़ से अधिक युवाओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज समग्र तथा व्यापक है। यह अंतिम समाधानों से जुड़ा हुआ है। इसका मकसद भारत की श्रमशक्ति और उत्पादों को गुणवत्ता तथा मूल्य के मामले में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाना है। मोदी ने युवाओं के कौशल और अनुभव को बढ़ाने के लिए शुरू की गई इंटर्नशिप योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पन्न करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ईपीएफओ अंशदान में प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में विनिर्माण परिदृश्य में काफी बदलाव आया है। ह्यमेक इन इंडियाह्ण और विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों को सरल बनाने के साथ बहुउद्देश्यीय लॉजिस्टिक्स पार्क, 14 क्षेत्रों के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना अतीत में किए गए कुछ उपायों में से हैं।

उन्होंने कहा कि बजट में देश के 100 जिलों के लिए प्लग-एंड-प्ले निवेश-अनुकूल निवेश पार्क की घोषणा की गई है। ये 100 शहर विकसित भारत के नए केंद्र बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकार के बजट और अपनी सरकार के दौरान पेश किए गए बजट की तुलना भी की। उन्होंने कहा, ह्यह्यमनमोहन सिंह नीत सरकार का 2013-14 में पेश आखिरी बजट 16 लाख करोड़ रुपये का था। आज हमारा बजट तीन गुना होकर 48 लाख करोड़ रुपये हो गया है।ह्णह्ण इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूंजीगत व्यय आज बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो 2014 के दो लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से पांच गुना से भी अधिक है।

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