
बिश्केक: एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की है। इस बैठक के लिए 50 मिनट का समय तय था। यह मुलाकात तब हुई है, जब पुतिन अगले महीने भारत का दौरा करने वाले हैं। इस बैठक में भारत-रूस संबंधों की समीक्षा की गई और कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई गई है। पीएम मोदी ने पुतिन के सामने यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया और कहा कि वह शांतिपूर्ण समाधान के हर प्रयास का समर्थन करते हैं। यह बैठक तब हुई है, जब भारत पर रूस से दूरी बनाने को लेकर बहुत ज्यादा दबाव है।
भारत-रूस संबंध लंबे समय से मजबूत बने हुए हैं। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में भी भारत और रूस बड़े साझेदार हैं। भारत आज भी बड़ी मात्रा में रूसी हथियारों का इस्तेमाल करता है। दोनों देश व्यापार को और बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रहे हैं, जिसमें कई नए क्षेत्रों में साझा सहयोग पर जोर दिया जा रहा है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी रूस लंबे समय से भारत का मददगार रहा है।
उर्वरक और तेल-गैस खरीद पर चर्चा : माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है। इसके अलावा दोनों नेताओं ने सैन्य उपकरणों की आपूर्ति, स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहयोग और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। दोनों देशों के बीच कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन व्यापार में असंतुलन भारत के लिए चिंता का विषय है। बैठक में भारतीय उत्पादों के रूस में निर्यात, निवेश, भुगतान व्यवस्था और व्यापार को अधिक संतुलित बनाने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ‘हमने लगातार यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा की है। जब हम पहले मिले थे, तो आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया था। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।’
पीएम मोदी ने युद्ध खत्म करने की अपील करते हुए कहा, ‘युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। यह मानवता की भलाई के लिए जरूरी है।’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान ही मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है: शांति का मार्ग। आज, मैं आपके साथ इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं।’
BRICS में शामिल होने के लिए दिया न्यौता : व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत कुछ ही दिनों में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है और सभी भारतीय आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।’
S-400 और Su-57 पर बनेगी बात : रूस लंबे समय से भारत को पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट Su-57 को बेचने की पेशकश कर रहा है। इसके लिए वह सोर्स कोड के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को भी तैयार है। हालांकि, भारत की तरफ से इस डील पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। वहीं, भारत जल्द ही रूस से S-400 की कई नई बैटरी की खरीद कर सकता है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 के प्रदर्शन को देखते हुए इसकी और अधिक यूनिट खरीदने का फैसला किया था।
