
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ा है, लेकिन सरकार ने लोगों की चिंता कम करने की कोशिश की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी और सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और उनकी कीमतें नहीं बढ़ी हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि जरूरी ईंधन की कोई कमी नहीं है। शर्मा ने माना कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और पीएनजी के आयात पर असर पड़ा है, लेकिन सरकार ने इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही, परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की सप्लाई भी पूरी तरह जारी है। हालांकि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई कुछ हद तक प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसे लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। अस्पतालों और स्कूलों जैसे जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि दवा, स्टील, बीज और कृषि जैसे जरूरी उद्योगों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी तरह की बड़ी समस्या न हो।जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लगभग दोगुनी कर दी गई है, जिन्हें खासकर प्रवासी मजदूर इस्तेमाल करते हैं। सरकार का यह भरोसा ऐसे समय में आया है जब वेस्ट एशिया में अनिश्चितता के कारण वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि देश में ईंधन की सप्लाई और कीमतें स्थिर बनी रहें।
