
रांची। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में सभी निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान दो-तीन दिनों में हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि अस्पतालों के दावे के भुगतान में जो भी तकनीकी समस्याएं हैं, उन्हें दूर किया रहा है। राष्ट्रीय आरोग्य सोसाइटी (एनएचए) से भी इसे लेकर लगातार संपर्क साधा जा रहा है। विभाग के अनुसार, एनएचए के निर्देश पर 26 सरकारी एवं 85 निजी (कुल 111) अस्पतालों के दावों की जांच की जा रही है। इस समस्या के निराकरण के लिए एनएच के दिशा-निर्देश के आलोक में कार्रवाई की जा रही है।
झारखंड में 10 फरवरी से टीएमएस-2 लागू किया गया जिसमें डायलिसिस, कीमो, रेडिएशन आदि में कुछ तकनीकी समस्याएं आई हैं। एनएचए के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निराकरण किया गया है।
विभाग के अनुसार, निजी अस्पतालों के साथ दो बार कार्यशाला आयोजित कर तथा एक बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तकनीकी जानकारी दी गई है, जिसके बाद भी तकनीकी कारणों से 193 निजी अस्पतालों का भुगतान नहीं हो पा रहा था।
अब समस्या का समाधान किया जा चुका है एवं अगले दो-तीन दिनों के अन्दर लंबित दावों का भुगतान किया जाएगा। साथ ही 200 सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों के दावे का भी भुगतान किया जा रहा है। साथ ही 33 अस्पतालों से क्लिनिकल ईस्टैब्लिशमेंट एक्ट का दस्तावेज मिलने के बाद उनके दावे का भुगतान किया जाएगा।
इस योजना के तहत वर्तमान में वर्तमान में कुल 565 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, जिनमें 240 सरकारी अस्पताल एवं 325 निजी अस्पताल हैं। वर्तमान में कुल 14 अस्पताल निलंबित है। निजी अस्पतालों ने दावे का भुगतान नहीं होने पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज बंद करने की चेतावनी दी थी।
