
रांची। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के पुनरुद्धार की संभावनाओं का जायजा लेने पहुंची संसदीय समिति ने गुरुवार को कंपनी के विभिन्न प्लांटों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष तिरुचि शिवा ने कहा कि एचईसी कभी बंद नही होगी। सभी एर्चईसी कर्मी आज अपने बच्चों के लिए मिठाई और पत्नी के लिए फूल लेकर जाएं और निश्चिंत रहें। आज से आप सभी कि जिन्दगी में खुशहाली आएगी। इस दौरान तिरुचि शिवा सहित समिति के सदस्यों के साथ एचईसी के विभिन्न श्रमिक संगठनों, ऑफिसर्स एसोसिएशन और सप्लाई ठेका कामगार प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
मौके पर उन्होंने सभी एचईसी कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि वे एचईसी के लिए लगातार प्रयास करेंगे कि एचईसी कर्मियों को हर माह वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने की कोशिश करें।
उन्होंने कर्मचारियों से समय पर वर्क ऑर्डर पूरा करने की अपील भी की। बैठक के दौरान सप्लाई ठेका कामगार रंथू लोहरा ने लंबे समय से कार्यरत विस्थापित ठेका कामगारों को नियमित करने की मांग रखी।
इसके बाद समिति ने लीलाधर सिंह, भवन सिंह और लोक मंच के अध्यक्ष रामकुमार नायक के साथ बैठक की। लीलाधर सिंह ने एचईसी को 250 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी, कर्ज माफी, अन्य सार्वजनिक उपक्रम में विलय और 2500 करोड़ रुपये के अनुदान की मांग रखी।
भवन सिंह ने कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने और मशीनों के आधुनिकीकरण की मांग की।
इधर, इसके पूर्व समिति ने सबसे पहले प्लांट हेड, वित्त और मार्केटिंग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद एफएफपी प्लांट के शॉप नंबर दो, तीन और चार, एचएमबीपी प्लांट के शॉप नंबर एक और एचएमटीपी का निरीक्षण किया।
बैठक के बाद चेयरमैन केएस मूर्ति ने पारस अस्पताल में मुफ्त इलाज और निजी स्कूलों में पढ़ रहे कामगारों के बच्चों की फीस में रियायत से संबंधित मांगों पर निदेशक कार्मिक को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
एचईसी दाैरे में तिरुचि शिवा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति में सुलता देवी (बीजद), कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (भाजपा), डॉ मल्लू रवि (कांग्रेस), हंसमुख भाई पटेल (भाजपा) और चंदन चौहान (रालोद) शामिल थे। इसके अलावा भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ पदाधिकारी और एचईसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक केएस मूर्ति, निदेशक उत्पादन, कार्मिक, वित्त और विपणन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
