
पटना। बिहार के जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुखिया, सरपंच जैसे पंचायती राज से जुड़े जन-प्रतिनिधियों को अब शस्त्र लाइसेंस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे इच्छुक जन-प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने की तैयारी है। गृह विभाग ने इस बाबत सभी जिलों के डीएम-एसपी को विशेष आदेश जारी किया है।



गृह विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार सिन्हा की ओर से जिलों को जारी आदेश में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा का हवाला देते हुए कहा गया है कि पंचायत प्रतिनधियों के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन को जिला पदाधिकारी निर्धारित समय-सीमा के अंदर नियमानुसार निष्पादित करने की कार्रवाई करेंगे।
राज्य में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े करीब ढाई लाख जन-प्रतिनिधि हैं। इनमें बड़ी संख्या में पंचायत एवं ग्राम कचहरी के प्रतिनिधि लंबे समय से सुरक्षा का हवाला देते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग राज्य सरकार से करते आ रहे हैं। इसको लेकर कई बार सदन में भी सवाल उठाए गए हैं।
जन-प्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी नियमानुसार शस्त्र लाइसेंस का निष्पादन करने का निर्देश दिया था। पंचायती राज विभाग की ओर से 18 जून को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस दिशा में कार्रवाई की मांग की गई।
इसके बाद गृह विभाग ने सभी जिलों के डीएम-एसपी को पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों के शस्त्र लाइसेंस के प्राप्त आवेदनों को आयुध नियम, 2016 के प्रविधानों के आलोक में नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन करने का निर्देश दिया है।

