
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में खरीफ फसलों की बुवाई के पहले गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। भारत ने उसकी ऐसे बांह मरोड़ी है कि वो बूंद बूंद के लिए तरस रहा है। सिंधु जल संधि को लेकर वो गुहार लगा रहा है। पाकिस्तान सिंधु जल संधि पर रोक के डेढ़ महीने में बिन पानी के तड़पने लगा है। खरीफ फसलों के लिए नदी नहरों से पानी न मिलने से किसानों में हाहाकार मच गया है। सिंधु-झेलम से लेकर चिनाब नदी में पानी का प्रवाह एकदम कम है। भयंकर गर्मी और पानी न होने से खेतों में चौड़ी दरारें हो गई हैं।
पाकिस्तान में झेलम नदी पर बने मंगला बांध और सिंधु नदी पर बने तरबेला डैम में पर्याप्त पानी ही नहीं है कि वो नहरों के जरिये खेतों तक पहुंचा सके। पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर चावल की खेती होती है और भारत की इस वॉटर स्ट्राइक ने उसकी कमर तोड़ दी है। घबराये पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने ताजिकिस्तान के दुशांबे में हुई ग्लेशियर संरक्षण के सम्मेलन में गुहार लगाई ।उन्होंने सिंधु जल संधि रद्द करने के भारत के फैसले पर रोना रोया।
