पटना । असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी की उम्मीदवार प्रियंका चौधरी के पक्ष में अतिपिछड़ा और मुस्लिम समुदाय के जुटान के बाद सीपीआईएमएल के उम्मीदवार राजाराम कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ा दी है। इसके पहले निर्दलीय उम्मीदवार पवन सिंह ने काराकाट के चुनावी जंग में शामिल हो कर एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को मुश्किल में डाल दिया है। काराकाट लोकसभा सीट पर चुनावी समीकरण समय के साथ-साथ रंग बदलते जा रहा है। शुरूआती दौर में काराकाट लोकसभा का चुनाव उपेंद्र कुशवाहा और राजाराम कुशवाहा के बीच था। लेकिन भोजपुरी के स्टार गायक पवन सिंह की इंट्री ने उपेंद्र कुशवाहा की लड़ाई को थोड़ा कठिन बना दिया और काराकाट लोकसभा की लड़ाई त्रिकोणीय राह पर आ गया। अब ओवैसी ने काराकाट में एमआइएम की उम्मीदवार प्रियंका भारती को उतार कर खेल को दिलचस्प बना दिया है।

परिसीमन के बाद काराकाट लोकसभा अस्तित्व में आया। लेकिन अब तक महागठबंधन के उम्मीदवार को यहां से जीत नहीं मिली है। 2009 लोकसभा चुनाव में जदयू के महाबली सिंह ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 लोकसभा चुनाव में रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा ने राजद की कांति सिंह को 1,05,241 मतों से हराया था। इस चुनाव में जदयू के महाबली सिंह तीसरे नंबर पर थे और उन्हें लगभग 75हजार वोट मिले थे। लेकिन 2019 लोकसभा के चुनाव में जदयू के महाबली सिंह एनडीए के उम्मीदवार थे और इन्होंने रालोसपा के उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को 84,542 मतों से हराया थ। तब महाबली सिंह को 3,98,408 वोट मिले थे और उपेंद्र कुशवाहा को 3,13,860 वोट।

काराकाट में इस बार 18 लाख 72 हजार से अधिक मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। काराकाट यादव तथा कुशवाहा बहुल क्षेत्र है। वही सवर्ण एवं मुस्लिम वोटर की यहां अच्छी खासी संख्या है। अति पिछड़ा में मल्लाह की वोट काफी है। दलित-महादलित वोटर भी यहां निर्णायक भूमिका में होते हैं।इस सीट से कुशवाहा तथा यादव तथा राजपूत जाति के वोटर ही यहां अपनी अपनी राजनीतिक साधते रहे हैं। जातिगत समीकरण की बात करें तो यहां सबसे अधिक करीब 3 लाख यादव मतदाता हैं। 2.5,लाख मुस्लिम, कोइरी-कुर्मी मिलाकर करीब ढाई लाख वोटर्स हैं। राजपूत मतदाता की संख्या करीब दो लाख है। निषाद के 1.5 लाख तो इसके अलावा 75 हजार ब्राह्मण और करीब 50 हजार भूमिहार वोटर्स भी हैं।

प्रियंका भारती का चुनावी समीकरण : प्रियंका भारती सक्रिय राजनीति से जुड़ी हैं। ये नासरीगंज पश्चिम की जिला पार्षद है। निषाद समाज से आने वाली प्रियंका भारती के अपने फॉलोवर हैं। काराकाट लोकसभा में निषाद मतों की संख्या करीब 1.5 लाख है। ओवैसी के आने के बाद प्रियंका चौधरी को मुस्लिम वोटर कितने पसंद करते हैं, यही चुनाव में एक फैक्टर बनने जा रहा है। काराकाट में मुस्लिम वोट लगभग 2.5 लाख हैं।

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