मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस से कहा कि उसे देश को बताना चाहिए कि पाकिस्तान से जुड़े 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से किसने रोका था। साथ ही उन्होंने पार्टी पर सत्ता में रहते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने का आरोप लगाया। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार (2004-14) ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर किया, जिसके कारण देश को भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

मोदी ने कहा कि एक कांग्रेस नेता, जो केंद्रीय गृह मंत्री भी रह चुके हैं, ने कहा है कि एक देश ने 2008 में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई से रोका था। पार्टी को स्पष्टीकरण देना चाहिए।” मोदी ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण, मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन और अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई हमेशा से देश की वित्तीय राजधानी और एक जीवंत महानगर रहा है, जिससे इस पर आतंकवादी हमलों का खतरा रहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ह्यह्यशहर की इसी विशेषता के कारण 2008 में आतंकवादियों ने इसे निशाना बनाया था। अगर कांग्रेस के एक शीर्ष नेता, जो केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं, की बात पर यकीन किया जाए, तो तत्कालीन संप्रग सरकार एक देश के दबाव में पाकिस्तान पर हमला करने से पीछे हट गई, जबकि हमारे रक्षा बल तैयार थे और देश की भावना (पड़ोसी देश पर) हमला करने की थी।

मोदी स्पष्ट रूप से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की उस टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वह हमलों के बाद व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्षधर थे, लेकिन संप्रग सरकार ने विदेश मंत्रालय के विचार के अनुसार इस्लामाबाद के खिलाफ कूटनीतिक कदम उठाने का फैसला किया। चिदंबरम ने कहा था कि अमेरिका सहित वैश्विक शक्तियां चाहती थीं कि भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू न करे। नवंबर 2008 में, पाकिस्तान से आए भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने मुंबई में तीन दिनों तक आतंक मचाया, जिसमें अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए।

मोदी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद से डटकर मुकाबला करने में कांग्रेस की कमजोरी ने आतंकवादियों के हाथ मजबूत किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि 26/11 के हमलों के बाद भारत को जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से किसने रोका था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर किया और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया, जिसके कारण भारत को भारी कीमत चुकानी पड़ी और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।

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