
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपना रुख साफ कर दिया है। जेडीयू ने संसद में वक्फ बिल पर मोदी सरकार को समर्थन देने का फैसला लिया है। लोकसभा में जेडीयू के मुख्य सचेतक सुनील कुमार ने व्हिप जारी कर पार्टी के सभी सांसदों को 2 से 4 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने को कहा है। साथ ही सदन के अंदर सरकार का समर्थन करने को भी कहा गया है।
वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में बुधवार को चर्चा के लिए पेश किया जाएगा। तमाम विपक्षी दल और बड़ी संख्या में मुस्लिम संगठन इस बिल का विरोध जता रहे हैं। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा काफी गमार्या हुआ है। इस बीच नीतीश कुमार की पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए इस बिल पर अपना समर्थन दे दिया है।
हालांकि, जेडीयू के अंदर इस बिल पर घमासान छिड़ा हुआ है। खासकर पार्टी के मुस्लिम नेता इस बिल पर विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस और पूर्व सांसद अहमद अशफाक करीम ने तो खुले तौर पर इसका विरोध किया। इसके बावजूद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बिल पर अपना समर्थन देने का फैसला लिया है। इससे पार्टी के अंदर गतिरोध बढ़ सकता है।
केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के अध्यक्ष रह चुके ललन सिंह ने मंगलवार दोपहर को अपने बयान में कहा था कि पार्टी वक्फ बिल पर अपना रुख सदन के अंदर स्पष्ट करेगी। वहीं, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा ने कहा था कि जेडीयू इस बिल को पिछली तारीख से लागू नहीं करवाना चाहती है, उम्मीद है सरकार इस पर विचार करेगी।
वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने से पहले जेडीयू नेता ललन सिंह और संजय झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात कर बहुत देर तक मंथन भी किया। बताया जा रहा है कि सरकार ने जेडीयू की मांग को मान लिया है। इसलिए पार्टी ने अपने समर्थन का ऐलान किया है।
