
रांची। पलामू टाइगर रिजर्व में वन विभाग की टीम ने अबतक के सबसे बड़े शिकारी गिरोह का खुलासा किया है। आठ भरठुआ बंदूक के साथ नौ शिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शिकारियों के पास से हथियार, बारूद, टाइगर ट्रैप फंदा सहित कई सामान बरामद किए गए हैं। 13 शिकारी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी तेज की गयी है। बुधवार को उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
18 अगस्त को बेतला वन क्षेत्र में पकड़े गए शिकारियों की निशानदेही पर यह सफलता मिली। 19 अगस्त को शिकारियों को बारूद और गंधक बेचते हुए नावागढ़ के सरफुद्दीन मियां को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के क्रम में भरठुआ बंदूक में भरने के लिए शिकारी को बारूद और गंधक बेचने की जानकारी दी। कई शिकारियों के नाम बताए। इसकी निशानदेही पर 20 अगस्त को गारू क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस क्रम में अजीत सिंह, तपेश्वर सिंह, रामसुंदर तूरी, हरिचरण सिंह, झमन सिंह, कइल भुइयां, छिपादोहर क्षेत्र से रमन सिंह और पारस सिंह को गिरफ्तार किया गया।
शिकारियों ने बताया कि 10 साल पहले गारू जंगल के चंदवा चट्टान नामक स्थान पर एक बाघ का भी शिकार किया था। जंगली सूअर, हिरण सहित अन्य जंगली जानवरों का शिकार लगातार करते आ रहे हैं।
