
जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा में पुलिस ने नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार ठगों में पश्चिम बंगाल का एक युवक भी शामिल है, जो अपनी ससुराल में रहकर लॉ (कानून) की पढ़ाई करने आया था, लेकिन पढ़ाई की आड़ में साइबर ठगी के धंधे में शामिल हो गया। पुलिस ने आरोपितों के पास से 27 मोबाइल फोन और 39 सिम कार्ड बरामद किए हैं। एसपी शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ और मट्टांड़ गांव के झाड़ीनुमा परती क्षेत्र में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
इसके बाद जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा- पोसोई मार्ग के किनारे झाड़ियों में छापेमारी कर चार अन्य ठगों को भी दबोचा। गिरफ्तार ठगों में मट्टांड़ निवासी मुजाहिद अंसारी, सलामत अंसारी, सनवर अंसारी, तबारक अंसारी और सरफराज अंसारी, पोसोई निवासी रोक्की कुमार दास, अर्जुन दास, सचिन दास तथा पश्चिम बंगाल के कुल्टी थाना क्षेत्र के दासपाड़ा, बराकर निवासी अमृत रुईदास शामिल हैं।
एसपी शंभू सिंह ने बताया कि अमृत रुईदास अपनी ससुराल में रहकर लॉ की पढ़ाई करने आया था, लेकिन साइबर गिरोह के संपर्क में आने के बाद ठगी करने लगा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फोनपे कैशबैक का फर्जी संदेश भेजकर लोगों को लिंक एक्सेप्ट करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही पीड़ित लिंक स्वीकार करता, उसके खाते से रकम ठगों के फर्जी एप्लिकेशन में स्थानांतरित हो जाती थी।
इसके अलावा गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड का 16 अंकों वाला नंबर, सीवीवी और ओटीपी हासिल कर फर्जी बैंक खातों एवं विभिन्न वॉलेट के माध्यम से रुपये निकाल लेते थे।
पुलिस ने साइबर अपराध थाना कांड संख्या 44/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार मुजाहिद अंसारी पहले साइबर थाना कांड संख्या 44/24 और सलामत अंसारी कांड संख्या 59/20 में आरोपपत्रित हो चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, मोबाइल नेटवर्क और अंतरराज्यीय साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने की बात सामने आई है।
