मेरठ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नकारात्मक ताकतें फिर से समाज को बांटने का काम करेंगी। वे जाति के नाम पर समाज को बांटेंगी और महापुरुषों को भी जातीय आधार पर बांटने का पाप करेंगी, लेकिन हमें इस विभाजन को नहीं होने देना है। महापुरुष पूरे समाज के होते हैं, उन्हें किसी जाति के दायरे में सीमित कर उनके महत्व को कम नहीं किया जा सकता। सीएम योगी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में जनपद मेरठ में आयोजित भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास, क्रांति और अन्नदाताओं के सामर्थ्य की धरती मेरठ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सभी की ओर से हृदय से स्वागत और अभिनंदन है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के दो दिवसीय प्रवास के क्रम में पश्चिम क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को उनका सानिध्य और मार्गदर्शन मिल रहा है। शक्ति केंद्र सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की शक्ति को जागृत करने और उस जागरण को पार्टी के लिए उपयोगी बनाने के साथ राष्ट्र प्रथम के भाव से प्रधानमंत्री के संकल्पों के अनुरूप आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत में कार्यकर्ताओं की भूमिका के लिए आह्वान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश है। भारतीय जनता पार्टी का भाव है कि मेरा सब कुछ देश के लिए होगा। जो लोग कहते हैं ‘मुझे क्या-मुझे क्या’, यह मंथरा बुद्धि है। ‘को नृप होई हमें का हानि’ का भाव पहचान का संकट खड़ा करता है, पलायन करवाता है, विकास को बाधित करता है और अन्नदाता किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां पैदा करता है। इसी भाव ने देश को नुकसान पहुंचाया और देश गुलाम हुआ तथा उसके सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ।

उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद एक नए भारत का दर्शन हुआ। ऐसा भारत जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और विकास के लिए गति के साथ आगे बढ़ रहा है। आज ऐसा भारत है जिसके सामने पहचान का संकट नहीं है। सीना तानकर चलता है और दुनिया की आंख में आंख डालकर बात करता है। कोई चुनौती देने का दुस्साहस करता है तो भारत मांद में घुसकर मारना भी जानता है। भारत की अर्थव्यवस्था बॉटम फाइव से टॉप फाइव में आ गई है। इसी देश में कभी सनातन और हिंदू परंपरा को कोसने तथा उसे गजनवी, गोरी, इब्राहिम लोदी, बाबर और औरंगजेब के समकक्ष ठहराने का प्रयास किया जाता था। अब नया भारत गुलामी की मानसिकता को समाप्त कर विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा है। इसकी परिणति काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में सामने है। जो लोगों के लिए असंभव था, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन सज-संवर रहा है। भागवत भूमि शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना चल रही है और विदुर कुटी के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है। विरासत-सनातन को कोसने वालों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। लेकिन, भाजपा सरकार ने कहा कि कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। यह धूमधाम से चलेगी। मैं स्वयं कांवड़ यात्रा में शामिल होता हूं और पुष्पवर्षा करता हूं। यह सनातन का प्रतीक है। अब कोई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक नहीं लगा सकता, मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित नहीं कर सकता।

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