
गुमला। गुमला पुलिस ने दस लाख के ईनामी भाकपा माओवादी संगठन के रिजनल कमांडर रवि गंझु उर्फ रवि जी उर्फ शंभू गंझु को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। रवि गंझु चतरा जिला के टंडवा थाना क्षेत्र के हुंबी गांव का रहने वाला है। जिसे रविवार को पुलिस ने जेल भेज दिया गया।
एसपी शंभू कुमार सिंह ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि घाघरा थाना क्षेत्र के केदली, दिरगांव, कारासिली व झलकापाट क्षेत्र में भाकपा माओवादी संगठन के रिजनल कमांडर छोटु खेरवार के दस्ता के कुछ सदस्य घूम रहे हैं जो क्षेत्र में चल रहे विकास कार्य में लेवी वसूलने व पुलिस को क्षति पहुंचाने के लिए कोई अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। उक्त सूचना के सत्यापन को लेकर एसडीपीओ सुरेश कुमार यादव के नेतृत्व में एक क्यूआरटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम मामले के सत्यापन के लिए जब झलकापाट गांव पहुंची तो एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
पूछताछ में उसने नाम रवि गंझु बताया। पूछताछ में रवि गंझु ने बताया कि रिजनल कमांडर छोटु खेरवार उर्फ सुजीत जी के निर्देश पर वह क्षेत्र में विकास कार्य से लेवी वसूलने व पुलिस की रेकी के लिए घूम रहा था। उसके पास से पुलिस ने एक पिठु बरामद किया। जिसमें नहाने का साबुन,टूथ ब्रश, पेस्ट, शर्ट व पैंट एवं नक्सली संगठन का प्रिंटेड पर्चा बरामद किया गया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में उसने यह भी बताया कि वह भाकपा माओवादी संगठन का विस्तार करने भी आया था। जिसके तहत संगठन के पुराने सदस्यों की तलाश कर उन्हें संगठन से जोड़ना था। साथ ही पूछताछ में उसने भाकपा माओवादी के संगठन में कई जानकारियां दी है। जिसपर पुलिस कार्रवाई कर रही है। वर्तमान में गिरफ्तार रवि गंझु बुढ़ा पहाड़ व गुमला व लोहरदगा जिला के सीमा क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहा था।
पुलिस के साथ मुठभेड़ व आगजनी से संबंधित 9 मामले हैं दर्ज : एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली रवि गंझु के खिलाफ 9 मामले दर्ज हैं। जिसमें अधिकांश मामले पुलिस के साथ मुठभेड़ व आगजनी से संबंधित है। गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के सिविल गांव में वर्ष 2013 में पुलिस के साथ दो दिनों तक चले मुठभेड़ में रवि गंझु शामिल था। पुलिस ने उस मुठभेड में माओवादी सदस्य रामचंद्र परहिया को मार गिराया था। वर्ष 2021 में बुढ़ा पहाड़ में हुए मुठभेड़ में भी वह शामिल था।वह कई कांडों में वांछित था।
