
रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, लंबित तथा गैर-भारतीय श्रेणी के मतदाताओं के नाम ही प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को संथाल परगना प्रमंडल के दो दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने देवघर जिले के मधुपुर तथा दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में आयोजित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लेने के साथ बीएलओ का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
के. रवि कुमार ने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम पूर्व के गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मैप हो चुका है अथवा जिनकी मैपिंग अभी शेष है, यदि वे निर्धारित गणना पत्र (इन्यूमरेशन फॉर्म) पर हस्ताक्षर कर उसे जमा कर देते हैं तो उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे।
उन्होंने बीएलओ को निर्देश देते हुए कहा कि 30 जून से शुरू होने वाले घर-घर सर्वेक्षण अभियान के दौरान मतदाताओं को गणना फ़ॉर्म वितरित करते समय उनकी जानकारी का पूर्व मतदाता सूची से सही तरीके से मिलान (मैपिंग) किया जाए। इससे मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी और पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक सुगम एवं प्रभावी बन सकेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मैपिंग और गणना के प्रारंभिक चरण में मतदाताओं से किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने बीएलओ को विशेष सावधानी बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का उपयोग करने का अवसर सुनिश्चित किया जा सकेगा।

