
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़कों पर नमाज न पढ़ने के बयान पर सियासत तेज हो गई है। जहां भाजपा नेता सीएम के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिम धर्मगुरु ने भी सीएम के बयान का समर्थन किया है। उत्तर प्रदेश के शाही मुख्य मुफ्ती, मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनका यह बयान इस्लामी सिद्धांतों और अदालती आदेशों के अनुरूप है, क्योंकि सार्वजनिक सड़कें प्रार्थना के लिए नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ का यह बयान है कि सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, जोकि बिल्कुल सही है। इस मामले पर हाई कोर्ट के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं। यह बात जगजाहिर है कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाती। इस्लाम में इस बात का जिक्र है कि कोई ऐसी जगह जहां से विवाद पैदा हो, सार्वजनिक हो, वहां पर नमाज नहीं पढ़नी है।



मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार दिशा-निर्देश जारी करती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया है। हम सभी को सरकार द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, समाज को विकास की ओर ले जाना निस्संदेह हम सभी का साझा एजेंडा होना चाहिए।

