
रांची। जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता आदि मामले की जांच कर रही सीआईडी ने परीक्षा संचालित कराने में वेबेल टेक्नोलॉजी से जुड़ी सहयोगी एजेंसी मेसर्स आइसीएन के विरुद्ध अपनी जांच को तेज की है। परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आईसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह के विरुद्ध करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता के मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने अपने स्वयं के अलावा अपने भाई अक्षय तिवारी व अपनी पत्नी सुषमा कुमारी को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पास कराने के एवज में मिथिलेश सिंह को 12-12 लाख रुपये दिया था।
इतना ही नहीं इन तीनों के अलावा सीआईडी ने जिन अन्य पांचों सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, उनमें किसी ने 15 तो किसी ने 20 लाख रुपये तक का भुगतान किया है। अब तक इस प्रकरण में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अनियमितता व अनुचित साधनों के बल पर उत्तीर्ण आठ अभ्यर्थियों को सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी है, जिन्होंने रिश्वत देकर परीक्षा पास की है।
भुगतान की राशि मिथिलेश सिंह तक पहुंची थी। अब मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद पता चल सकेगा कि उसने उक्त राशि और किस-किस तक पहुंचाई। सीआईडी को सूचना है कि मिथिलेश सिंह ने विभिन्न तरह की सरकारी प्रतियोगिता परीक्षाओं के संचालन में सीट बेचकर, सेटिंग कर करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति बनाई है। उक्त संपत्ति, पटना, दिल्ली, पुणे आदि शहरों में हैं, जिसकी सच्चाई की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, मिथिलेश सिंह सीआईडी की गिरफ्त से बाहर है।
सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालन से जुड़ी दोनों एजेंसियों वेबेल टेक्नोलॉजी व आईसीएन तथा इनके संचालकों व इनसे जुड़े कर्मियों के बैंक खातों को भी खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि इन्होंने कितना आय हासिल की और कितना व्यय किया।इससे भ्रष्टाचार से अर्जित आय का आकलन हो सकेगा। गिरफ्तार अभ्यर्थी व कर्मी सीआईडी को पूछताछ में जिस तरह से परीक्षा पास कराने के एवज में लेन-देन की जानकारी दे रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि इन आरोपितों ने करोड़ों रुपये का वित्तीय लेन-देन किया है।
तीन सौ करोड़ की संपत्ति बनाई : सीआईडी को अज्ञात स्रोत से कुछ गोपनीय सूचनाएं मिलीं हैं, जिसमें जेएसएसी सीजीएल परीक्षा के मास्टरमाइंड व परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह की संपत्ति का जिक्र है। सूचना में दावा किया गया है कि मिथिलेश सिंह ने प्रश्न पत्र लीक व ओएमआर में हेराफेरी कर करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। शिकायत में दावा किया गया है कि मिथिलेश सिंह का दिल्ली, रांची सहित कई शहरों में जमीन व फ्लैट, हरियाणा व राजस्थान में जमीन, पटना में बीएड कॉलेज, पुणे में होटल है। मिथिलेश सिंह के विरुद्ध बिहार सरकार की परीक्षाओं में भी अनियमितता का मामला सामने आ चुका है। सीआईडी उन सभी दावे व सूचनाओं की सत्यता की जांच कर रही है।


