
रांची। झारखंड के उद्योग, व्यापार और कौशल विकास को नई दिशा देने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। एक्सआइएसएस, रांची और फेडरेशन आॅफ झारखंड चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बीच कॉलेज परिसर में एक सहयोग समझौता (एमओयू) किया गया। इस एमओयू पर एक्सआइएसएस की ओर से निदेशक फादर जोसेफ मारियानुस कुजूर और चेंबर की ओर से अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने हस्ताक्षर किया।
मौके पर चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह एमओयू राज्यि के उद्योग और व्यापार जगत के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। इससे उद्योगों को स्किल्ड और इंडस्ट्री-रेडी मानव संसाधन उपलब्ध होगा, वहीं युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे। एमओयू के तहत इंडस्ट्रियल स्किल गैप एनालिसिस, इंडस्ट्री-रेडी पाठ्यक्रम निर्माण, संरचित इंटर्नशिप और प्लेसमेंट, सीएसआर आधारित ग्रामीण विकास, सतत विकास लक्ष्यों पर संयुक्त शोध और नीति-निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। इससे झारखंड के एमएसएमई, उद्योग और व्यापारिक संस्थानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि चेंबर उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह एमओयू राज्य के आर्थिक, सामाजिक एवं औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
वहीं चेंबर के सह सचिव नवजोत अलंग ने कहा कि यह एमओयू उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योगों को योग्य मानव संसाधन मिलेगा। सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि राज्य आधारित उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप स्किलिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि राज्य के स्थानीय युवाओं को यहीं पर बेहतर रोजगार और करियर के अवसर उपलब्ध कराए जा सके। उद्योग और शैक्षणिक संस्थान के इस सहयोग से ऐसा कौशल विकास मॉडल तैयार किया जाएगा, जो स्थानीय संसाधनों, उद्योग और मानव क्षमता को जोड़ते हुए झारखंड के आर्थिक विकास को मजबूती देगा।
इस अवसर पर एक्सआइएसएस के वरिष्ठ अधिकारी और फैकल्टी सदस्य उपस्थित थे।

