
नयी दिल्ली। मौसम विभाग (आईएमडी) का पूर्वानुमान है कि मानसून इस साल फिर केरल में जल्दी पहुंचेगा और यह 26 मई के आसपास राज्य में प्रवेश करेगा। आमतौर पर एक जून के आसपास मानसून भारत के दक्षिणी छोर पर दस्तक देता है। अगर यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो यह लगातार तीसरी बार बार होगा, जब वह समय से पूर्व आयेगा। पिछले साल मानसून 27 मई को और 2024 में 31 मई को केरल पहुंचा था। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल हैं। आमतौर पर मानसून भारतीय मुख्य भूमि की ओर बढ़ने से पहले 22 मई के आसपास दक्षिण अंडमान सागर में दस्तक देता है। हालांकि मानसून के जल्दी आने के पूर्वानुमान से एक उम्मीद जगी है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों के लिए मौसम का पूर्वानुमान मिला-जुला बना हुआ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मौजूदा सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है। वहीं, इस सप्ताह पूर्वोत्तर में और अगले 3-4 दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराइकल, केरल और माहे तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज से बहुत तेज वर्षा की उम्मीद है। भारत के लिए जून-सितंबर की मौसमी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वार्षिक वर्षा का 70 फीसदी से अधिक हिस्सा प्रदान करती है। यही बारिश देश में कृषि, पानी की उपलब्धता, जलाशयों के स्तर और समग्र अर्थव्यवस्था को आकार देती है। हालांकि इस वर्ष मौसम विभाग का मौसमी दृष्टिकोण सामान्य से कम बारिश का संकेत दे रहा है। मौसम विभाग ने लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के लगभग 92 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया है, जिसमें पांच फीसदी कम ज्यादा हो सकता है।
