रांची। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की रांची इकाई ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के नाम पर रिश्वतखोरी के एक मामले का पदार्फाश करते हुए अंचल अधिकारी (सीओ), भू-राजस्व कर्मचारी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।

एसीबी ने ट्रैप के दौरान 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एक आरोपी को रंगेहाथ पकड़ा। इसके बाद सत्यापन और कार्रवाई के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर बुढ़मू के अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा और भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

एसीबी ने शुक्रवार को मांडर थाना क्षेत्र के ब्रांबे गांव निवासी सुबोध कुमार ने बुढ़मू अंचल कार्यालय में म्यूटेशन के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि मौजा सासम, प्रखंड बुढ़मू स्थित 3 एकड़ 20 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री उनकी पत्नी पिंकी देवी, उनकी साली जया कुमारी और संगीता गुप्ता के नाम हो चुकी थी। रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज अंचल कार्यालय में जमा किए गए, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने म्यूटेशन की प्रगति की जानकारी लेने के लिए अंचल कार्यालय का रुख किया तो अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा ने उन्हें भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि से संपर्क करने को कहा। आरोप है कि राजेश किशोर रवि ने म्यूटेशन कराने के बदले 80 से 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान कम राशि लेकर काम कराने की बात कही गई। सुबोध कुमार ने शिकायत में यह भी बताया कि दोबारा अंचल अधिकारी से मिलने पर भी उन्हें राजेश किशोर रवि से ही संपर्क करने के लिए कहा गया। इसी दौरान राजेश ने अपने भाई गौतम कुमार से उनकी बातचीत कराई। गौतम कुमार ने कथित तौर पर पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने और शेष राशि बाद में देने पर म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया।

रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी एसीबी को दी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने विशेष ट्रैप टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।

निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने गौतम कुमार को 10 हजार रुपये की पहली किस्त दी। जैसे ही उसने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भू-राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि तथा अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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