नयी दिल्ली। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने तय किया है कि वह कई देशों में आॅल पार्टी डेलिगेशन भेजेगा। आॅपरेशन सिंदूर के बाद इस बड़े कूटनीतिक अभियान के तहत सरकार वैश्विक मंच पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करने के लिए अगले सप्ताह से भारतीय नेताओं को अलग-अलग देशों में भेजेगी। केंद्र सरकार ने विपक्ष सहित कई राजनीतिक दलों के सांसदों से इस बारे में बात की है। वहीं कुछ पार्टी ने भी इस कूटनीतिक अभ्यास के लिए अपने सदस्यों की उपस्थिति को मंजूरी दे दी है।

भारत सरकार की इस मुहिम का हिस्सा बनने वाले प्रतिनिधिमंडल या उनके सदस्यों की सही संख्या के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है। हालांकि कुछ नेताओं की ओर से कहा गया है कि 30 से ज्यादा सांसद इस मुहिम का हिस्सा हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार की लिस्ट में कांग्रेस सांसदों में शशि थरूर, मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद और अमर सिंह शामिल हैं और पार्टी ने पुष्टि की है कि वह प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होगी। इसके अलावा एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी जायेंगे।

नेताओं का डेलिगेशन 10 दिनों तक अलग-अलग देशों का दौरा करेंगे। सांसद सरकार की ओर से निर्धारित देशों के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय सांसदों को उनके राजनयिक मिशन के लिए रवाना होने से पहले जानकारी देगा। सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में जिन पार्टियों के सांसद शामिल होंगे, उनमें भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, एनसीपी (एसपी), जेडीयू, बीजेडी, सीपीआई (एम) और कुछ अन्य शामिल हैं। इस डेलिगेशन के एक संभावित सदस्य ने कहा है कि उन्हें 22-23 मई तक 10 दिनों के लिए रवाना होने के लिए मुस्तैद रहने को कहा गया है। इसके अलावा कहा गया है कि विदेश मंत्रालय बाकी की जानकारी और ब्यौरे के साथ उन्हें बाद में संपर्क करेगा। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, ओडिशा की बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी सत्ता पक्ष से इस डेलिगेशन का हिस्सा हो सकती हैं। सरकार ने कई दूसरे दलों के सदस्यों के अलावा कांग्रेस के कम से कम चार सांसदों को भी इस कूटनीतिक अभ्यास के बारे में बताया है।

सूत्रों ने बताया कि टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय, जेडीयू के संजय झा, बीजेडी के सस्मित पात्रा, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, डीएमके की के कनिमोझी, सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी को भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने के लिए चुना जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बताया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बारें में कांग्रेस अध्यक्ष से बात की है। इन नेताओं को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, आॅस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य यूरोपीय एवं एशियाई देशों में भेजे जाने की योजना है। वहां ये प्रतिनिधिमंडल सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, थिंक टैंक्स और मीडिया समूहों से मिलकर पाकिस्तान की आतंकवाद में भूमिका की जानकारी साझा करेंगे।

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