दोहा/तेहरान। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आग अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फील्ड ‘साउथ पार्स’ पर इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र पर मिसाइल हमला किया है। इस हमले ने न केवल कतर के पेट्रोलियम ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है, बल्कि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला को भी हिलाकर रख दिया है। जवाबी कार्रवाई : ईरान के ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर इजरायली हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कतर के मुख्य गैस प्लांट को निशाना बनाया। कतर का कड़ा रुख : हमले के बाद कतर ने ईरान के दो राजनयिकों को देश से निकाल दिया है और इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया है।सऊदी अरब पर भी खतरा : सऊदी अरब ने अपने पूर्वी इलाके में ऊर्जा ठिकानों की ओर बढ़ते ईरानी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है। रियाद के पास एक रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने की भी खबर है।आर्थिक प्रभाव : होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही ठप होने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक का उछाल आया है।फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर से बात की है। उन्होंने अपील की है कि नागरिक और ऊर्जा ढांचे को सैन्य तनाव से दूर रखा जाए, वरना इसके “बेकाबू परिणाम” पूरी दुनिया को भुगतने होंगे।विशेषज्ञ राय: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज की खाड़ी पूरी तरह बंद होती है, तो यह आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है।ये भी पढ़ें – अपने राज्य / शह

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version