
रांची। कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह से लगातार तीसरे दिन भी धुर्वा स्थित एटीएस मुख्यालय में रिमांड पर पूछताछ जारी रही। अब तक की पूछताछ में उसने झारखंड के 50 कारोबारियों को रंगदारी के लिए काल करने की बात स्वीकार की है। एटीएस को आशंका है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक इंडस्ट्रीज आरकेटीसी पर फायरिंग में भी मयंक सिंह का हाथ था। उससे इस मामले में भी पूछताछ की गई है, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। उसके विरुद्ध रायपुर में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज है। एटीएस उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश में है, लेकिन उसने कुछ खास जानकारी नहीं दी है।
एटीएस को पूछताछ में उसने बताया है कि वह सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय अपराधी लारेंस विश्नोई से जुड़ा था। लारेंस विश्नोई ने ही उसे अमन साव से मिलवाया था। मूल रूप से राजस्थान के घड़साना का रहने वाला मयंक सिंह पूछताछ में बताया है कि वह पूर्व में कभी झारखंड नहीं आया है। अपराधी अमन साव के अन्य सहयोगियों के माध्यम से उसे मोबाइल नंबर मिले, जिसपर उसने रंगदारी के लिए काल किया था। एटीएस उससे हथियारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिसपर अब तक कुछ खास जानकारी उसने नहीं दी है। पूछताछ के दौरान वह बेहद शांत रहता है और सही तरीके से जवाब नहीं दे रहा है।
