रांची। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव अध्ययन केंद्र के कार्यालय (बी-38/सेक्टर-2, एचईसी) में शुक्रवार शाम गंभीर घटना सामने आई। एचईसी के राकेश रंजन सहित कुछ असामाजिक तत्वों ने बिना अनुमति ताला तोड़कर कार्यालय में घुसपैठ की। इस दौरान कार्यालय में रखे सामानों को बाहर फेंक दिया गया और तोड़फोड़ की गई। यह जानकारी शहीद के प्रपौत्र ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने दी।

शहदेव ने बताया कि यह मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। अदालत ने सात अगस्त को आदेश जारी कर एचईसी के उप महाप्रबंधक को 25 सितंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद एचईसी प्रबंधन ने कोर्ट की प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए जबरन यह कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि एचईसी की स्थापना शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की भूमि पर हुई थी, जिसका मुआवजा आज तक परिवार को नहीं मिला। शहीद का परिवार एचईसी का पहला विस्थापित है, लेकिन सम्मान देने के बजाय प्रबंधन दबंगई कर रहा है।

उल्‍लेखनीय है कि 1857 की क्रांति के वीर सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को 16 अप्रैल 1858 को अंग्रेजी हुकूमत ने रांची जिला स्कूल में फांसी दी गई थी।

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