सिवान । राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की परेशानी बढ़ गई है। सिवान की एक अदालत ने उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। यह आदेश 2011 के एक मामले से जुड़ा है। लालू यादव पर चुनाव के दौरान नियमों को तोड़ने का आरोप है। अदालत ने यह फैसला उनकी लगातार गैरहाजिरी के कारण लिया है।

2011 में लालू यादव पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप है। यह मामला सिवान के दारौंदा में एक सभा को संबोधित करने से जुड़ा है। उस समय धारा 144 लागू थी। इसका मतलब है कि वहां सभा करने और माइक का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी। लेकिन लालू यादव ने फिर भी सभा को संबोधित किया।

अदालत ने इस मामले में लालू यादव को कई बार नोटिस भेजा, लेकिन वह पेश नहीं हुए। उनकी लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए, सिवान की एसीजेएम प्रथम अदालत ने कुर्की जब्ती की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि अदालत उनकी संपत्ति को जब्त कर सकती है।

कोर्ट ने कहा, ‘इसी मामले में उनकी लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए एसीजेएम प्रथम सिवान की अदालत ने कुर्की जब्ती की प्रक्रिया जारी करने का आज आदेश पारित किया है।’ इस मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी।

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