
रांची। झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (जेटीडीसी), झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड व झारखंड ऊर्जा उत्पाद निगम लिमिटेड के खाते से करीब 107 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी मामले में ईडी ने नया इंफोर्समेंट केस इनफार्मेंशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज किया है।
धुर्वा थाने में दोनों ही निगम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसे टेकओवर करते हुए सीआइडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी। अब ईडी ने इन सभी कांडों को अपने ईसीआइआर में जोड़ दिया है। ईडी इस पूरे मामले का विश्लेषण कर रही है। अब इस मामले में ईडी अनुसंधान अनुसंधान करेगी। इस केस में जेल जाने वाले व जेल से बाहर के सभी संदिग्धों से ईडी पूछताछ करेगी। रांची के धुर्वा थाने में व सीआइडी थाने में दर्ज प्राथमिकी के सभी आरोपितों को ईडी ने भी आरोपित बनाया है। इस पूरे प्रकरण में सीआइडी में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए गठित एसआइटी ने चार आरोपितों को जेल भेजा था।
जेल जाने वालों में जेटीडीसी के तत्कालीन लेखापाल सह कैशियर गिरजा प्रसाद सिंह, केनरा बैंक निफ्ट हटिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमरजीत कुमार, साजिशकर्ता बोकारो के रूद्र सिंह उर्फ समीर कुमार तथा रांची के डिबडिह निवासी लोकेश्वर साह उर्फ लोकेश शामिल थे। गिरजा प्रसाद सिंह बिहार के पटना जिले के रूपसपुर थाना क्षेत्र में बेली रोड मकान संख्या 339 के निवासी हैं। अमरजीत कुमार रांची के हटिया में लटमा रोड प्रेम नगर के हरगोपाल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 के निवासी हैं। रूद्र सिंह बोकारो के सेक्टर 8ए स्ट्रीट नंबर 11 में मकान संख्या 2053 तथा लोकेश रांची के डिबडिह स्थित अपर दाउदनगर के निवासी हैं। सीआइडी में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए गठित एसआइटी ने चारों को जेल भेजा था।
एसआइटी ने इन चारों की निशानदेही पर 85 लाख रुपये नकद, 15 लाख रुपये के सोने के जेवरात की बरामदगी की थी। इसके अलावा एसआइटी ने विभिन्न बैंकों में पड़े 39.70 करोड़ रुपये फ्रीज कराया था।
आरोपितों पर झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के खाते से 10 करोड़ 40 लाख रुपये, झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के खाते से 65 करोड़ 50 लाख रुपये, व झारखंड उर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड के खाते से 40.50 करोड़ की निकासी का आरोप है। एसआइटी को अबतक इस मामले की जांच में 300 से अधिक फर्जी बैंक खातों की जानकारी मिली थी। उन्हीं खातों में रुपये स्थानांतरित हुए थे। सर्वाधिक बैंक खाते पश्चिम बंगाल के मिले थे जो विभिन्न व्यवसायियों के मिले थे। सबसे अधिक उत्कर्ष स्माल फाइनांस बैंक में खाते खोले जाने की बात सामने आ चुकी है। अब ईडी की एंट्री के बाद उपरोक्त सभी आरोपितों की परेशानी और बढ़ेगी। सबसे ईडी पूछताछ करेगी।
