
काठमांडू। नेपाल के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार शाम शीतल निवास में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री और कार्यकारी प्रमुख बनीं हैं। पहली पीएम बनने का रेकॉर्ड बनाने से पहले उनके नाम पर पहली चीफ जस्टिस बनने का कीर्तिमान भी रहा है। कार्की का भारत से खास नाता है, उनकी पढ़ाई भारत में हुई है। शुक्रवार को पूरे दिन चली गहन चर्चा के बाद संसद भंग करने पर सहमति बनी। संसद का भंग करना जेनरेशन-जेड प्रदर्शनकारियों और कुछ राजनीतिक ताकतों की प्रमुख मांग थी। युवा प्रदर्शनकारियों के कड़े तेवर के बाद सदन भंग करने और कार्की की नियुक्ति पर आगे बढ़ने का फैसला लिया गया। इससे कार्की के अंतरिम पीएम बनाने का रास्ता साफ हो गया।
नेपाल के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बैठकों के बाद ऐलान किया कि वह सदन भंग करने और सुशीला कार्की को तुरंत शपथ दिलाने की तैयारी कर रहे हैं। उनके ऐलान के बाद शीतल निवास में प्रतिनिधि सभा को भंग करने सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त करने की तैयारी की गई। इसके बाद शाम को उनको शपथ दिलाई गई। नेपाल में राजनीतिक संकट बीते हफ्ते शुरू हुआ, जब सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन का ऐलान किया। इसके बाद हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस ने गोली चलाई, जिससे स्थिति बिगड़ी पूरे देश में अराजकता फैल गई। इसके बाद मंगलवार को केपी ओली ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद नई अंतरिम सरकार के गठन की कोशिश शुरू हुई।
कार्की का भारत से नाता : सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधान न्यायधीश बनने का रेकॉर्ड रखती हैं। उन्होंने 1979 में वकालत शुरू की था। इसके बाद वह जज बनीं और जुलाई 2016 से जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश रहीं। उन्होंने चीफ जस्टिस रहते हुए कई ऐसे फैसले दिए, जिससे लोकतंत्र के संरक्षक के तौर पर कोर्ट की भूमिका मजबूत हुई। सुशीला कार्की की पहचान एक ऐसे न्यायधीश के रूप में रही, जो भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती हैं। उनकी इसी छवि का फायदा उनको हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और उठापटक में मिला है। भारत से भी उनका एक खास नाता है। सुशीला कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) से राजनीति शास्त्र में मास्टर्स किया है।
