
रांची। झारखंड के 48 नगर निकायों में सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हो गया। सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। दिन बढ़ने के साथ मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा हुआ।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुल 61.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो वर्ष 2018 की तुलना में 2.82 प्रतिशत कम है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट में यह प्रतिशत थोड़ा बढ़ सकता है।
नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह अधिक देखने को मिला, जबकि नगर निगम क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ। सर्वाधिक 75.35 प्रतिशत मतदान सरायकेला नगर पंचायत में दर्ज किया गया, जबकि रांची नगर निगम में सबसे कम 43.28 प्रतिशत मतदान हुआ।
कुछ स्थानों पर तनाव की घटनाएं भी सामने आईं। गिरिडीह जिले के भंडारीडीह में मतदान समाप्ति के बाद हुई फायरिंग में दो लोग घायल हो गए। वहीं चास नगर निगम के एक बूथ पर हुई झड़प में डीएसपी प्रवीण सिंह घायल हो गए। प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच भी कुछ जगहों पर कहासुनी और झड़प की सूचना मिली, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें भी कई स्थानों से मिलीं। कुछ मतदाताओं के नाम निर्धारित बूथ पर नहीं मिले, जबकि वे पूर्व में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में वहीं मतदान कर चुके थे। कई परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर दर्ज होने से असुविधा हुई और कुछ लोग मतदान से वंचित रह गए।
इन चुनावों में महापौर के नौ, अध्यक्ष के 39 और वार्ड पार्षद के 1,042 पदों के लिए कुल 6,124 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें 562 प्रत्याशी महापौर और अध्यक्ष पद के, जबकि 5,562 प्रत्याशी वार्ड पार्षद पद के हैं। सभी निकायों की मतगणना 27 फरवरी को सुबह आठ बजे से शुरू होगी।
छह नगर परिषद और चार नगर पंचायतों में बढ़ा मतदान
राज्य के नौ नगर निगमों में से आठ में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई। वहीं नगर परिषद क्षेत्रों में विश्रामपुर, चतरा, दुमका, चिरकुंडा, सिमडेगा और कपाली में मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई।
नगर पंचायत क्षेत्रों में राजमहल, बुंडू और खूंटी समेत चार स्थानों पर इस बार मतदान बढ़ा है, जबकि अन्य निकायों में या तो मतदान घटा है या पिछली बार चुनाव नहीं हुआ था।

