रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रांची जोनल ऑफिस के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की सीबीआई जांच को लेकर दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से रोस्टर के अनुसार उक्त याचिका दूसरी कोर्ट में लगाए जाने की बात कही, जबकि ईडी ने इसका विरोध किया।

अदालत ने मामले में जांच की रोक को बरकरार रखा और अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से उक्त याचिका की वैधता पर सवाल उठाया था और कहा कि यह याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है, जबकि ईडी की ओर से सरकार के दावे का विरोध किया था। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार के गृह सचिव को ईडी कार्यालय की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ, बीएसएफ या अन्य अर्धसैनिक बल की तैनाती का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि यदि ईडी कार्यालय में कोई भी अप्रिय घटना होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी एसएसपी रांची की होगी। हाई कोर्ट ने ईडी कार्यालय परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखने का भी स्पष्ट निर्देश दिया था। ईडी के अधिकारियों की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े करीब 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोपित संतोष कुमार 12 जनवरी को बिना किसी समन के स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचा।

पूछताछ के दौरान उसने अचानक उग्र होकर खुद ही पानी का जग उठाकर अपने सिर पर मार लिया, जिससे उसे मामूली चोट आई। ईडी अधिकारियों ने उसे तत्काल सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया, लेकिन बाद में उसी व्यक्ति ने ईडी अधिकारियों पर मारपीट व अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी।

इसके बाद रांची पुलिस की टीम ईडी कार्यालय पहुंच गई और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छानबीन करने लगी। इससे कार्यालय में रखे कई साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।

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