रांची। झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अग्निवीरों के लिये बड़ी घोषणा की है। श्री सोरेन ने सदन के बीच में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के जोरदार हंगामे के बीच अपने समापन भाषण में कहा कि अग्निवीरों के निधन होने पर झारखंड सरकार उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी और अनुग्रह राशि प्रदान करेगी। इसके पहले मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट पारित होने पर स्पीकर को बधाई दी। भाजपा विधायकों में वेल में आने पर सीएम बोले देखिये, ये कैसे माहौल बनाते हैं। इन्होंने पांच सालों में क्या अर्जित किया, कितनी जमीन लूटी, इन्होंने डाका डालने का काम किया। 24 जिलों में इन्होंने कार्यालय बनाया।

श्री सोरेन ने कहा कि जमीन के लिए मर्डर हुआ। ये जमीन के लुटेरे हमें जमीन लूटने वाला बताते हैं। सीबीआई, ईडी लगाते हैं। ये बताएं कि इस बिल्डिंग के लिए पैसा कहां से आया। गैरमाजरुआ सरकारी जमीन में भी पार्टी कार्यालय बनाया।इनके राजनीतिक हवस पर क्या बोले, ये जनता को लेकर लूट फरेब का दुकान चलाते हैं। अलग-अलग राज्य के कोने कोने में लूट मचा रहे हैं। इनके एक मुख्यमंत्री के राज में बाढ़ आया है, लोग जूझ रहे हैं। उनको छोड़ यहां घूम रहे हैं। चिंता मत करो, असम से लोग झारखंड नहीं आये हैं, यहीं से असम गए हैं। चुनाव आने दो असम में भी सफाया होगा। ये नौकरी की बात करते हैं । हमने गैर सरकारी संस्थानों में एक लाख से अधिक नौकरी दी। इन्हीं हाथों से नियुक्ति पत्र दिया। देश विदेश में वो बच्चे नौकरी दे रहे हैं। बीस साल में नियमावली नहीं बनाया। हमने नियमावली बनाया। आदिवासी बच्चों के लिए स्थानीय नीति बनाया। इसका बंटाधार इन्होंने किया। ये सामने से वार नहीं करते। कोर्ट कचहरी, गवर्नर का इस्तेमाल करते हैं। इनका ही कार्यकर्ता हमारे नियमावली रोकने कोर्ट गया था। इनके शासित राज्य में यही कानून बना तो संवैधानिक। हमने बनाया तो असंवैधानिक। रिम्स में ग्रेड ए के नर्स बहल किए। लिपिक लेखा पदाधिकारी का बहाली किया। 83 प्रतिशत आदिवासी को नौकरी दिया। कुछ में तो 100 प्रतिशत आदिवासी को दिया। इनको आइना दिखाएंगे तो आइना शरमा जायेगा।

श्री सोरेन ने कहा कि पंचायत सचिव, कनीय- सहायक अभियंता, लिपिक बहाल किए। पशु चिकित्सक पहली बार बहाल किया। और कितना गिनायें। ये क्या बात करेंगे। मानसून सत्र अंतिम सत्र नहीं है बल्कि अनवरत चलने वाला सत्र है ।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। पांच साल में हमने 10 हजार करोड़ दिया। हमने सरकारी अस्पतालों में सुधार किया। अब भी सुधार कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हमने काम नहीं किया। हमने अपने कार्यकाल में पारा शिक्षक का मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ाया। आंगनबाड़ी सहायिका, सेविका का मानदेय 50 प्रतिशत बढ़ाया। रसोइया का मानदेय 100 प्रतिशत बढ़ाया। अनुबंधकर्मिगां के मामले में 1200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया। अभी हम गर्व से कहते हैं जो हमने पांच साल में किया ये 50 साल में नहीं कर पाते। ये ऐसे आचरण वाले हैं, जो काम ना करते हैं, ना करने देंगे वाले हैं। इन्हें लोकसभा में हलका आइना दिखाया है। विधानसभा में पूरा आइना दिखाएंगे। ये यहां सिर्फ हल्ला करने आए हैं। हल्ला पर एक कहावत भी है। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को रोकने का काम इन्होंने किया। लंबोदर जी बोल रहे हैं कि हमको आदिवासी में शामिल करो, आदिवासी का तो हालत खराब है। कहां जाएंगे आदिवासी बन के। डेमोग्राफी दिख रहा, मुस्लिम गैर मुस्लिम दिख रहा। ये लोग देश बेच दिया। एयरपोर्ट बेच दिया, पोर्ट बेच दिया। ये वो नालायक लोग हैं, जो बुजुर्ग को संपत्ति बेच देंगे।

श्री सोरेन ने कहा कि ऋण माफी किसानों का नहीं होता। हमने ऋण माफी की। बेरोजगारी भत्ता की बात करते तो जाकर प्रखंड में पता करो की मिल रहा है या नहीं। 50 हजार महिलाओं को हर महीना एक हजार देंगे। सरकार बनेगी तो हर घर में एक-एक लाख सरकार देगी। ये हिंदू मुस्लिम के नाम पर वोट मांगते हैं। अयोध्या में झटका लगा समझ नही पा रहे हैं। अर्थव्यवस्था का आलम ये है कि शिक्षा, मनरेगा का पैसा घटा दिया। आवास देना बंद कर दिया। हम 30 लाख अबुआ आवास दे रहे हैं। इनके नेता जो सबसे बड़े नेता बनते हैं, पूछिए पांच साल में उन्होंने कितने सवाल पूछे। पांच साल राजनीतिक रोटी सेंकी। जनता सब हिसाब लेगी। सरकार में एक एक निर्णय से इनके पसीने छूट रहे।

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