
नई दिल्ली। ईरान और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने सोमवार को सीरिया में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया है। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। हालांकि, अब तक अमेरिकी अधिकारियों की तरफ़ से इस हमले की पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी मीडिया का दावा है कि यह हमला अमेरिका की “आक्रामक कार्रवाई” का जवाब है। अब तक इस कथित हमले में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।



हमला कहां और कैसे हुआ ?: ईरानी मीडिया का दावा है कि ईरान-समर्थित बलों ने सटीक ड्रोन या मिसाइल हमले किए, जिनका लक्ष्य सीरियाई इलाके में स्थित एक अमेरिकी सेना का ठिकाना था। ईरान इस हमले को इस्राइल द्वारा उनके परमाणु ठिकानों और सीरिया में ईरान समर्थित बलों पर हमले के जवाब में बता रहा है।
ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र में तनाव : इस घटना से एक दिन पहले, अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु स्थलों — फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान — पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिका ने इसे एक “बहुत सफल सैन्य ऑपरेशन” बताया। इस हमले का उद्देश्य ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोकना था।
संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक में आरोप-प्रत्यारोप : सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बहस हुई। ईरान के स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने अमेरिका के हमलों को “घोर अपराध” बताया और इज़राइल पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका को इस युद्ध में घसीट रहा है। उन्होंने कहा,”अमेरिका ने कूटनीति की राह छोड़ दी है। अब ईरान की सेनाएं तय करेंगी कि जवाब कब, कैसे और कितना दिया जाएगा।”

