अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का शनिवार को निरीक्षण कर वहां उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण की ओर से करवाए जा रहे संग्रहालय के मरम्मत के काम को देखा। इसमें संग्रहालय मे छत से ग्राउंड फ्लोर में गिरने वाले पानी को रोकने की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि निर्माण इकाई संग्रहालय में गैलरी से लेकर उन सभी स्थलों को खूबसूरत बना रही है, जहां पुरातात्विक महत्व की पुरावशेषों को सुरक्षित और खूबसूरती के साथ डिस्प्ले किया जा सके। संग्रहालय का रेनोवेशन ऐसा किया जा रहा है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय मानक के मुताबिक नए सिरे से विकसित किया जा सके। इसमें आधुनिक हाई टेक्नोलॉज से रामकथा की वस्तुओं का प्रजेटेशन संभव हो सकेगा।

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने निर्माण समिति की बैठक में रखे गए एजेंडों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर के 161 फुट उंचे शिखर पर लगने वाले ध्वज स्तंभ को लेकर तकनीकी और सुरक्षा के विंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें शिखर के उपर 40 फुट उंचे ध्वज स्तंभ लगने पर इसे बंदरों और आधी तूफान से सुरक्षित कैसे रखा जाएगा? साथ ही आकाशीय बिजली से कैसे बचाया जाएगा? इस पर मंदिर निर्माण की कंपनी के इंजिनियरों ने कहा कि जिस हुक से इसे शिखर पर लगाया जाएगा। वह इतना मजबूत है कि आंधी तूफान का इस पर असर नहीं पड़ेगा।

यह सुरक्षित खड़ा रहेगा। यह जिस धातु का बना है, उस पर मौसम का असर 200 साल तक नहीं पडेगा। जरूरत पड़ी तो 200 साल के बाद इसे बदल दिया जाएगा। इससे मंदिर निर्माण समिति के सदस्?य भारी-भरकम के ध्वज स्तंभ के लगने से सुरक्षा कारणों को लेकर आश्वस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के शिखर का? निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा।

चंपत राय ने बताया कि दो माह तक बारिश के चलते मंदिर का निर्माण कार्य प्रभावित होगा। पूरी गति से निर्माण कार्य सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे मे तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करवाने मे मजदूरो की संख्या बढानी पड़ सकती है।

परकोटा में लगेंगे सबसे ज्यादा पत्थर : चंपत राय ने बताया कि मंदिर के निर्माण में 3 लाख पत्?थर लग चुके हैं। अभी 1 लाख 30 हजार और पत्?थर लगेंगे। इससे ज्यादा 8 लाख घनफुट पत्थर मंदिर के परकोटा (बाउंड्री) के निर्माण में लगेंगे। अभी तक इसमें 2 लाख घनफुट पत्थर लग चुके हैं। परकोटा में 6 देवी-देवताओं के मंदिर भी बन रहे हैं।

मकराना पत्थर की बनेगी सभी मूर्तियां : चंपत राय ने बताया कि राम दरबार से लेकर परकोटा, सप्?त ऋषि और शेषावतार मंदिरों की मूर्तियां मकराना संगमरमर पत्थर की बनेगी। उनका निर्माण जयपुर में होगा। इसके अलावा गोस्वामी तुलसीदास और भगवान शंकर-पार्वती का भी मंदिर परिसर में बनेगा। सभी मंदिरों की मूर्तियों का निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा।

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