प्रयागराज। भारत की सैन्य ताकत आज हमारे रक्षा उद्योगों की फैक्ट्रियों में तैयार होती है। स्वदेशी हथियारों की ताकत से भारत की सैन्य शक्ति बढ़ी है। आत्मनिर्भर भारत का सबसे सफल उदाहरण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता में दिखाई दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का श्रेय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों व प्रणालियों की देन है। यह बात मंगलवार को प्रयागराज में आयोजित तीन दिवसीय ‘नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026’ के दूसरे दिन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कही।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जबकि नवप्रवर्तनशील स्टार्टअप्स देश के प्रतिनिधि के रूप में उभर रहे हैं। स्टार्टअप्स और सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम भविष्य की विकास यात्रा के प्रमुख प्रेरक हैं और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ये हमारे समय के ‘विश्वकर्मा’ हैं। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से जुड़ा हुआ है।

रक्षा राज्य मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेनाओं द्वारा आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ उपकरणों का प्रभावी उपयोग देश की आत्मनिर्भरता के संकल्प को दर्शाता है,जिसमें सरकार,रक्षा सार्वजनिक उपक्रम,निजी क्षेत्र, नवप्रवर्तनशील स्टार्टअप्स और सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम सभी की अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड स्तर पर रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात ‘नए भारत’ के उभरते स्वरूप को दर्शाते हैं, जो अपनी सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनने पर विश्वास रखता है। ‘यह नया भारत न तो किसी पर बुरी नजर डालता है और न ही अपनी संप्रभुता पर खतरे को नजरअंदाज करता है’।

तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे नवाचार को लगातार जारी रखें और बदलती वैश्विक परिस्थितियों में तकनीकी रूप से आगे बने रहें। उन्होंने उत्तर प्रदेश के रक्षा औद्योगिक गलियारे के सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख करते हुए उद्योगों से इसे और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेन गुप्ता ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी संप्रभुता और परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने उद्योगों से रक्षा बलों के साथ मिलकर उभरती चुनौतियों के अनुरूप समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

तीन दिवसीय ‘नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026’ का आयोजन भारतीय सेना के उत्तरी और मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माताओं की सोसायटी की ओर से ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ विषय के तहत किया गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन 4 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

इस संगोष्ठी में 284 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें निजी रक्षा निर्माताओं द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन, प्रति-मानवरहित हवाई प्रणाली, सभी प्रकार की भूमि पर चलने वाले वाहन, निगरानी उपकरण सहित कई रक्षा उत्पाद शामिल हैं। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी,उद्योग जगत के प्रतिनिधि,स्टार्टअप्स,नवप्रवर्तक और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।

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