
नई दिल्ली । भारत सरकार पहलगाम की घटना पर दुनिया को जानकारी देने के लिए सांसदों के आठ समूह भेज रही है। हर समूह में अलग-अलग पार्टियों के कम से कम पांच सांसद होंगे। उनके साथ एक सीनियर राजनयिक भी होगा। ये समूह अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (EU), रूस, जापान, दक्षिण अफ्रीका और खाड़ी देशों जैसे अहम शहरों में जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक ये प्रतिनिधिमंडल 21-22 मई को रवाना होंगे। ये सांसद पहलगाम में हुए आतंकी हमले और “ऑपरेशन सिंदूर” के बारे में दुनिया को बताएंगे। कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो सांसद नहीं हैं। सीनियर राजनयिक इन सांसदों की मदद करेंगे। इस लिस्ट में पूर्व विदेश सचिव एच.वी. श्रृंगला, फ्रांस में भारत के पूर्व राजदूत जावेद अशरफ और मोहन कुमार, और जापान में पूर्व राजदूत सुजान चिनॉय जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
शशि थरूर अमेरिका में सांसदों की संभालेंगे कमान : कांग्रेस सांसद शशि थरूर अमेरिका जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और ब्रुसेल्स में EU के मुख्यालय का दौरा करने वाले समूह का नेतृत्व कर सकते हैं। बीजेडी के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा, टीडीपी के लोकसभा सांसद लावु श्री कृष्णदेवराय और बीजेपी सांसद जय पांडा भी इन समूहों में शामिल हो सकते हैं।बीजेपी के आर.एस. प्रसाद के पश्चिम एशिया जाने की संभावना है, जिसमें सऊदी अरब भी शामिल है। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय भी एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को भी बुलाया गया है, लेकिन उन्होंने बताया है कि वे इतनी लंबी यात्रा करने के लिए ठीक नहीं हैं।
सलमान खुर्शीद दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया जाएंगे : कांग्रेस के सांसद सलमान खुर्शीद दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया जाएंगे। वे दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में बात करेंगे। जेडीयू के सांसद संजय झा और श्रृंगला भी एक समूह का नेतृत्व करेंगे। सुप्रिया सुले (एनसीएसपी), और श्रीकांत शिंदे (शिवसेना) भी एक-एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। सुले के समूह में राजीव प्रताप रूडी (बीजेपी), अनुराग ठाकुर (बीजेपी), मनीष तिवारी (कांग्रेस), बृज लाल (बीजेपी) और तेजस्वी सूर्या (बीजेपी) शामिल हैं। असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम) भी एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। डीएमके नेता कनिमोझी रूस जाने वाले समूह का नेतृत्व करेंगी। आरजेडी सांसद प्रेम चंद गुप्ता उनकी टीम में हैं।
इन समूहों को भेजने का मकसद है कि भारत सरकार दुनिया को पहलगाम की घटना और “ऑपरेशन सिंदूर” के बारे में सही जानकारी दे। सरकार चाहती है कि दुनिया को पता चले कि असल में क्या हुआ था और भारत इस मामले में क्या कर रहा है। अलग-अलग पार्टियों के सांसदों को भेजने से यह भी पता चलता है कि इस मुद्दे पर पूरा देश एक साथ है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि दुनिया के बड़े देशों को इस बारे में सही जानकारी मिले, ताकि कोई गलतफहमी न हो।
