मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वाल्डई क्लब में एक कार्यक्रम में कहा कि भारत पर अमेरिकी टैरिफ नाकाम होंगे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमकर तारीफ की। जबकि अमेरिका और यूरोपीय नेताओं पर भी हमला किया। पुतिन ने भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का कोई असर नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह रणनीति अंतत: विफल होगी। पुतिन ने कहा कि भारत और चीन जैसे देश आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी हैं। ये दोनों देश कभी भी अपमान नहीं सहेंगे। रूसी राष्ट्रपति ने भारत और चीन पर मॉस्को के साथ ऊर्जा संबंध तोड़ने का दबाव बनाने के अमेरिकी प्रयासों की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही वाशिंगटन पर उलटे असर डाल सकते हैं।

पुतिन ने कहा कि अगर रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा टैरिफ लगाए गए, तो इससे वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ऊंची ब्याज दरें बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आ सकती है।

पुतिन ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत और रूस के लोग दोनों देशों के बीच के गहरे संबंध को नहीं भूल सकते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 15 साल पहले हमने एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी और यह सबसे अच्छा वर्णन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक बहुत ही बुद्धिमान नेता हैं जो सबसे पहले अपने देश के बारे में सोचते हैं।

पुतिन ने कहा कि भारत खुद को कभी अपमानित नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा कदम कभी नहीं उठाएंगे। पुतिन ने वाशिंगटन पर पाखंड का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत जैसे देशों पर रूसी तेल आयात के लिए दबाव तो डालता है। लेकिन यूरेनियम की आपूर्ति के लिए वह मॉस्को पर निर्भर है।

उन्होंने रूस और भारत के बीच व्यापार भुगतान के मुद्दों को सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया और सुझाव दिया कि ब्रिक्स के भीतर या अन्य तंत्रों के माध्यम से समाधान निकाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमें एक समाधान खोजना होगा।” उन्होंने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भुगतान विवादों को सुलझाने के संभावित लाभों को रेखांकित किया।

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