चाईबासा । झारखंड के राज्यपाल सह विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्र-छात्राओं से विकसित भारत के निर्माण के अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। दीक्षांत समारोह के दौरान वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्तीर्ण दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित संतोष कुमार गंगवार ने विभिन्न संकायों के 129 टॉपर छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस मौके पर केंद्र सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में शिक्षा और नवाचार को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक तकनीकी शिक्षण पद्धति को एकजुट करते हुए उच्च शिक्षा को मजबूत बना रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोल्हान विश्वविद्यालय इन संकल्पों को मूर्त रूप देने में अहम भूमिका निभाएगा।
छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों का आरंभ भी है। सफलता के लिए ईमानदार प्रयास, अनुशासन, चरित्र और विनम्रता जरूरी हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे चाहे देश या विदेश जाएं, अपने समाज, गांव, झारखंड की पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को गर्व के साथ आगे बढ़ाएं तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहें।
राज्यपाल ने आधुनिक दौर को कौशल, तकनीक और नवाचार का युग बताते हुए युवाओं से अवसरों का सृजन करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय से उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय उद्यमों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर विकल्प मिल सकें।
समारोह के दौरान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ भी किया गया। इस मौके पर कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता, कुलसचिव डॉ. परशुराम सियाल, डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय यादव, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती समेत विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, सिनेट सदस्य, सिंडिकेट सदस्य, डीन एवं हेड उपस्थित रहे।

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