
रांची । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 126वें कड़ी को संबोधित किया। उन्होंने बिहार और झारखंड के दो युवाओं के कार्यों और प्रयास की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि खादी की तरह ही देश के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। आज हमारे देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आ रहे हैं, जो बताते हैं कि अगर परंपरा और इनोवेशन (नवाचार) को एक साथ जोड़ दिया जाए, तो अद्भुत परिणाम मिल सकते हैं।
झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को दूसरे देशों के लोग भी जानने लगे
प्रधानमंत्री ने संबोधन में कहा कि झारखंड के आशीष सत्यव्रत साहू ने जोहार ग्राम बोर्ड के जरिए आदिवासी बुनाई और परिधानों को ग्लोबल रैंप तक पहुंचाया है। उनके प्रयासों से आज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को दूसरे देशों के लोग भी जानने लगे हैं।
मिथिला पेंटिंग को महिलाओं की आजीविका का साधन बनाया: पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के मधुबनी जिले की स्वीटी कुमारी ने भी संकल्प सृजन की शुरुआत की। स्वीटी कुमारी ने मिथिला पेंटिंग को उन्होंने महिलाओं की आजीविका का साधन बना दिया है। आज 500 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं उनके साथ जुड़ी हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर हैं। सफलता की ये सभी गाथाएं हमें सिखाती हैं कि हमारी परंपराओं में आय के कितने ही साधन छिपे हुए हैं। अगर इरादा पक्का हो, तो सफलता हमसे दूर नहीं जा सकती।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उदाहरण तमिलनाडु के याज नेचुरल्स का दिया। यहां अशोक जगदीशन और प्रेम सेल्वाराज ने काॅरपोरेटe नौकरी छोड़ एक नई पहल की। उन्होंने घास और केला फाइबर से योगा मैट बनाए। इसमें हर्बल रंगों से कपड़े रंगे, और 200 परिवारों को ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार दिया।
