
नई दिल्ली। पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने नया कानून लागू किया है। इस कानून का उद्देश्य नीट और यूजीसी-नेट जैसी परीक्षाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है, जिनमें हाल ही में पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने के मामले सामने आए थे। इस मुद्दे को लेकर छात्रों द्वारा कई स्थानों पर प्रदर्शन भी किए गए हैं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को आलोचना का सामना करना पड़ा है।
- कड़ी सजा : इस कानून के तहत पेपर लीक या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करने पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये का जुमार्ना हो सकता है।
- राष्ट्रपति की मंजूरी : राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने चार महीने पहले लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 को मंजूरी दी थी, जिसे अब अधिसूचित कर लागू कर दिया गया है। कानून की अधिसूचना जारी: कार्मिक मंत्रालय ने शुक्रवार को इस कानून की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे यह पूरे देश में प्रभावी हो गया है।
इस कानून को यूजीसी-नेट 2024 परीक्षा के पेपर लीक पर बढ़ते विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच लागू किया गया है। यह कदम सरकार की ओर से परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस कानून के लागू होने से उम्मीद है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार होगा और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी लगाम लगेगी।
