
रांची। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में प्रारंभिक जांच (पीई) के मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर अदालत के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड उच्च न्यायालय में हुई। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि एसीबी में लंबित सभी प्रारंभिक जांचों की वर्तमान एवं अद्यतन स्थिति रिपोर्ट तैयार कर सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करें।
इससे पहले हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि एसीबी में कई प्रारंभिक जांच 11 साल से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। प्रारंभिक जांच लंबित रहने के दौरान ही कई लोग सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों का प्रारंभिक जांच वर्ष 2013 और 2022 से लंबित है। अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
