
पटना। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने से पहले राहुल गांधी को अपनी दादी इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। नड्डा ने आरोप लगाया कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उन्हें संविधान की मूल भावना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान का हवाला देने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत और आपातकाल के दौरान किए गए कार्यों पर जवाब देना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर हमला हुआ था।उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया गया। नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार आपातकाल के दौरान करीब 1 करोड़ 10 लाख लोगों की नसबंदी की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों को जबरन इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उनके अनुसार इस अभियान ने समाज में भय का माहौल पैदा कर दिया था।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाला रहा है। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने कई बार चुनी हुई राज्य सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया। उन्होंने इसकी तुलना मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल से करते हुए भाजपा को लोकतांत्रिक परंपराओं का समर्थक बताया।माफी मांगे कांग्रेस : जेपी नड्डा ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में संविधान और लोकतंत्र की बात करती है तो उसे पहले आपातकाल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करने वालों को अपने इतिहास की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।




