पटना । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास प्रस्ताव पेश किया। विश्वास मत पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि बिहार में सुशासन स्थापित करने का काम पिछले 21 सालों से चल रहा है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार नीतीश कुमार ने ‘थ्री सी’ यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से समझौता नहीं किया, उसी तरह आगे भी इन तीन सी से समझौता नहीं होगा। उन्होंने लालू यादव की पाठशाला से निकलने के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि यह सत्ता किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि लालू यादव अगर मुझे जेल नहीं भेजते तो आज मुख्यमंत्री नहीं बनता। उन्होंने कहा कि वे लालू यादव के शासनकाल में हुए अत्याचारों के कारण ही राजनीति में आए। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक सफर संघर्ष और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने से शुरू हुआ था। सम्राट ने कड़े शब्दों में कहा कि राजद के कुशासन का विरोध करना ही उनकी राजनीति का मूल आधार रहा है।
विपक्ष के महिला आरक्षण को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सदन में देख लीजिए, दो-तिहाई से अधिक ओबीसी और दलित वर्ग से महिला विधायक हैं। महिलाओं का सम्मान करना होगा। महिलाओं के खिलाफ कोई भी गलत नजर डालेगा, तो उसे पाताल से भी खोजकर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बिहार और सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि तीन चीजें, ब्लॉक, अंचल और थाना को अब सीएमओ देखा करेगा।


उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लालू यादव सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने लेकिन बिहार को लूट लिया। उनके राज में बिहार की क्या दुर्दशा थी? यह जनता जानती है। नीतीश कुमार को कोई न राजनीति से हटा सकता है और न ही दिल से हटा सकता है। नीतीश कुमार हमेशा कहते थे कि अब आप लोगों को बिहार संभालना होगा।


सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि मेरे पास विकास के अलावा कोई काम नहीं है। उन्होंने कई विकास योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिहार में तेजी से औद्योगिक विकास हो सके इसको लेकर काम करना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कोई गलतफहमी में न रहे। भाजपा और एनडीए एक हैं। नीतीश कुमार नहीं होते तो लालू यादव नेता ही नहीं बनते।
उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और समृद्धि के लिए काम करना है। बिहार के किसानों की आय बढ़ाने को लेकर लगातार काम हो रहे हैं। कोसी अब अभिशाप नहीं है, कोसी नदी को हमें वरदान बनाना है। उन्होंने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल में अधिकारी और मंत्री के भी बच्चे पढ़ें, ऐसी व्यवस्था करनी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया।

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