
भागलपुर। फर्ज कीजिए… आप पटना की मरीन ड्राइव पर हैं। गंगा के किनारे बनी इस ड्रीम सड़क पर…, मां गंगा को महसूस करते उनकी धारा के समानांतर अपने वाहन से फरार्टा भर रहे हैं और भागलपुर पहुंच गए। इस सपने को हकीकत बनाने की नींव बिहार विधान परिषद में पड़ गई है।
विजय सिंह सहित नौ विधान परिषद सदस्यों ने बजट सत्र में इसके लिए मजबूती से आवाज उठाई है और सरकार से स्पष्ट वक्तव्य की मांग की, जिस पर सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। विधान पार्षद विजय सिंह बताते हैं कि पटना से मरीन ड्राइव का विस्तार मोकामा तक किया गया है। इसे मोकामा से बढ़ाकर लखीसराय, मुंगेर, सुल्तानगंज होते हुए भागलपुर तक विस्तारित किया जाना व्यापक जनहित में होगा।
इसी प्रकार तीसरे चरण में पटना से पश्चिम कोईलवर से आगे आरा होते हुए बक्सर तक इसका विस्तार किया जाना चाहिए। अभी सरकार के समक्ष उन लोगों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया है।
विजय सिंह ने कहा कि यह महज एक प्रस्ताव नहीं, बक्सर से भागलपुर तक यानी पूरे बिहार में गंगा के किनारे की यह सड़क एक अजूबा भी मानी जाएगी। तकरीबन चार सौ किलोमीटर का मरीन ड्राइव लोगों को प्रकृति की गोद में लांग ड्राइव का भी आनंद देगा।
देश-दुनिया में बिहार इकलौता राज्य होगा, जिसने अपनी एक पवित्र नदी के एक किनारे को मरीन ड्राइव के रूप में विकसित किया होगा। इसे देखने और इस पर विहार करने देश-दुनिया से लोग आएंगे। इससे आसपास के इलाके की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी और व्यवसाय की संभावनाएं भी बढ़ेगी। यह जनता और सरकार की आमदनी को बढ़ाने वाली एक लंबी सड़क होगी।
विजय सिंह कहते हैं कि नीतीश कुमार की अगुआई में हमारी सरकार ने पटना में सबसे लंबा मरीन ड्राइव बनाकर इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ा दिया है। पूर्व में मोकामा और पश्चिम में कोईलवर तक विस्तार को भी पहले मंजूरी मिल गई है। यह सात हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। इसके लिए जल्द टेंडर निकाला जाएगा।
अभी वर्तमान मरीन ड्राइव ही पटना से भागलपुर की ओर जाने वाले छोटे वाहन वाले लोगों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग का काम कर रहा है। दीदारगंज के पास लोग निकलकर फोरलेन पकड़ लेते हैं और पटना से फोरलेन पर जाने के समय लगने वाले जाम से बच जाते हैं।
