
पटना। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को बिहार से राष्ट्रव्यापी निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) 2.0 अभियान लांच करेंगे। चुनाव आयोग का लक्ष्य अगले छह महीने में 15 लाख स्कूल, 70 हजार काॅलेज एवं 1420 यूनिवर्सिटी में ईएलसी बनाकर ईसीआइनेट (ECINET) से जोड़ने का है। आयोग ने नौवीं कक्षा से लेकर पीजी तक हर स्कूल, कालेज एवं विवि के प्रत्येक कक्षा में दो-दो ईएलसी माॅनीटर बनाने का है। इसमें एक युवा व एक युवती को माॅनीटर का दायित्व आयोग की ओर से दिया जाएगा। ये सीधे आयोग के ईसीआइनेट से जुड़ेंगे। आयोग ने इसके लिए बाकायदा पाठ्यक्रम तैयार किया है। पहले चरण में हिंदी एवं अंग्रेजी में पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
आगे राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अपनी सुविधा अनुसार स्थानीय भाषा में पाठ्यक्रम का अनुवाद कर उपलब्ध कराएंगे। आयोग के मीडिया महानिदेशक आशीष गोयल ने रविवार को अनौपचारिक बातचीत में भावी कार्यक्रम को साझा किया। चुनाव आयोग की ओर से पूरे कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय नोडल अधिकारी अपूर्व कुमार सिंह को बनाया गया है।
आयोग के मीडिया महानिदेशक ने बताया कि सीईसी बिहार से शुरू होने वाले अभियान के तहत हर राज्य में जाएंगे। ईएलसी से विद्यार्थियोें को जोड़ने के लिए छह महीने के अंदर देश के 36 राज्यों में दौरे का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
अब ईएलसी से जुड़े विद्यार्थियों को प्रखंड, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को पुरस्कृत किया जाएगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल एवं राष्ट्रीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा बेहतर करने वाले ईएलसी क्लब के मानीटर को पुरस्कृत किया जाएगा।
स्कूलों, काॅलेजों और यूनिवर्सिटी में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब स्थापित किए जाएंगे। पात्र शैक्षणिक संस्थान ईसीआइनेट प्लेटफार्म से जुड़े एक समर्पित पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से ईएलसी स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मंजूरी मिलने के बाद प्रत्येक क्लब को एक विशिष्ट ईएलसी पहचान संख्या दी जाएगी। इसके माध्यम से संस्थानों का डिजिटल पंजीकरण, संस्थान की प्रोफाइल तैयार करना, सदस्यों का विवरण, गतिविधियों की रिपोर्टिंग, निगरानी, प्रमाणपत्र और पुरस्कार संबंधी कार्य किए जा सकेंगे।
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इसका उद्देश्य उन्हें भारतीय चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।
फर्जी सूचनाओं व गलत नैरेटिव से मुकाबले की तैयारी
तथ्यपरक और अनुभव आधारित शिक्षा के माध्यम से इस पहल का उद्देश्य ऐसे जागरूक युवा नागरिक तैयार करना है, जो गलत सूचनाओं की पहचान कर सकें, झूठे नैरेटिव का प्रतिरोध कर सकें और लोकतांत्रिक विमर्श में सकारात्मक योगदान दे सकें।
साथ ही वे चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी के लिए भी प्रेरित होंगे। ईएलसी 2.0 के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लबों को लोकतांत्रिक शिक्षा के सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान इनमें चर्चा, वाद-विवाद, क्विज, माॅक चुनाव, जागरूकता अभियान, आउटरीच कार्यक्रम, फील्ड गतिविधियां और अन्य अनुभव आधारित अभ्यास आयोजित किए जाएंगे।
क्लबों में छात्र नेतृत्व को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सहमति या चुनाव के माध्यम से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया जा सकेगा। इससे छात्रों को वास्तविक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
